डेनमार्क का ट्रंप को करारा जवाब, संप्रभुता पर 'नो-कॉम्प्रिमाइज', बातचीत को तैयार पर मालिकाना हक नहीं

Trump Greenland Tension: आर्कटिक में बढ़ते तनाव के बीच डेनमार्क की पीएम मेटे फ्रेडरिक्सन ने स्पष्ट किया है कि ग्रीनलैंड की संप्रभुता पर कोई समझौता नहीं होगा।
Denmark gives a strong response to Trump: 'No compromise' on sovereignty, ready for talks but not on ownership rights.
अमेरिका ग्रीनलैंड तनाव, फोटो (सो. सोशल मीडिया)
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Greenland News In Hindi: आर्कटिक क्षेत्र में बढ़ते भू-राजनीतिक महत्व के बीच ग्रीनलैंड एक बार फिर वैश्विक कूटनीति का केंद्र बन गया है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा इस विशाल द्वीप पर नियंत्रण पाने की इच्छा जताने के बाद, डेनमार्क ने अत्यंत कड़ा और स्पष्ट रुख अपनाया है।

डेनमार्क की प्रधानमंत्री मेटे फ्रेडरिक्सन ने गुरुवार को यह साफ कर दिया कि उनके देश की संप्रभुता किसी भी स्थिति में गैर-परक्राम्य है और इस पर किसी भी प्रकार का समझौता संभव नहीं है।

ट्रंप का 'यू-टर्न' और टैरिफ की धमकी

हाल ही में दावोस में डोनाल्ड ट्रंप ने ग्रीनलैंड पर अमेरिकी नियंत्रण सुनिश्चित करने के लिए आठ यूरोपीय देशों पर भारी टैरिफ लगाने की धमकी दी थी। हालांकि, बुधवार को उन्होंने अपने इस रुख में बदलाव के संकेत दिए और धमकी वापस ले ली। ट्रंप ने दावा किया कि नाटो महासचिव मार्क रुट के साथ आर्कटिक सुरक्षा पर 'भविष्य के समझौते का एक ढांचा' तय हो चुका है। दावोस में ट्रंप ने यह भी स्पष्ट किया कि वे ग्रीनलैंड पर कब्जा करने के लिए सैन्य बल का प्रयोग नहीं करेंगे, बल्कि वे इस मुद्दे पर बातचीत के माध्यम से समाधान चाहते हैं।

डेनमार्क की 'दो टूक' प्रतिक्रिया

ट्रंप के दावों के जवाब में पीएम फ्रेडरिक्सन ने कहा कि डेनमार्क और ग्रीनलैंड ही अपने भविष्य से जुड़े मामलों पर फैसला लेने के हकदार हैं। उन्होंने जोर देकर कहा कि वे सुरक्षा, निवेश और अर्थव्यवस्था जैसे राजनीतिक मुद्दों पर चर्चा करने के लिए हमेशा तैयार हैं, लेकिन अपनी संप्रभुता पर कोई बातचीत नहीं होगी। फ्रेडरिक्सन ने यह भी बताया कि वे नाटो महासचिव मार्क रुट के साथ निरंतर संपर्क में हैं और नाटो को डेनमार्क के इस अडिग रुख की पूरी जानकारी है।

गोल्डन डोम और आर्कटिक सुरक्षा

डेनमार्क ने यह भी संकेत दिया कि वह आर्कटिक में सुरक्षा को मजबूत करने के लिए अमेरिका के 'गोल्डन डोम' कार्यक्रम सहित अन्य सहयोगियों के साथ रचनात्मक संवाद जारी रखना चाहता है।

हालांकि, उन्होंने शर्त रखी कि ऐसा कोई भी सहयोग डेनमार्क की क्षेत्रीय अखंडता और संप्रभुता का सम्मान करते हुए ही किया जाना चाहिए। इससे पहले, ट्रंप ने इस द्वीप को 'पूर्ण अधिकार, स्वामित्व और कब्जे' के साथ हासिल करने की मंशा जताई थी, जिसे डेनमार्क ने सिरे से खारिज कर दिया है।

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