होर्मुज बना 'डेथ वैली'... ईरान बिछा रहा समुद्री माइंस, ट्रंप का दावा- 16 जहाजों को मार गिराया

Marine Mine Threat: होर्मुज की खाड़ी में ईरान द्वारा समुद्री माइंस बिछाने से तनाव बढ़ गया है। ट्रंप ने 16 ईरानी जहाजों को नष्ट करने का दावा किया है, जिससे तेल आपूर्ति पर भारी संकट मंडरा रहा है।
Hormuz Strait Becomes Death Valley: Iran Lays Mines, Trump Claims Destroying 16 Iranian Ships
होर्मुज बना 'डेथ वैली', ईरान बिछा रहा समुद्री माइंस (सोर्स-सोशल मीडिया)
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Iran Naval Mine Deployment News: ईरान और अमेरिका के बीच चल रही जंग अब समुद्र के रास्ते दुनिया की अर्थव्यवस्था को चोट पहुंचाने की कगार पर पहुंच गई है। होर्मुज की खाड़ी, जहां से दुनिया का एक बड़ा हिस्सा तेल प्राप्त करता है, अब खतरनाक 'डेथ वैली' के रूप में तब्दील हो चुकी है। ईरान ने यहां चुपके से समुद्री माइंस बिछाना शुरू कर दिया है ताकि अंतरराष्ट्रीय जहाजों के आवागमन को पूरी तरह से रोका जा सके। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इस पर कड़ी प्रतिक्रिया देते हुए चेतावनी दी है कि वे किसी भी कीमत पर इस रास्ते को बंद नहीं होने देंगे।

होर्मुज में ईरान की खतरनाक चाल

सीएनएन की रिपोर्ट के अनुसार ईरान ने पिछले कुछ दिनों में समंदर के अंदर कई दर्जन घातक समुद्री माइंस बिछा दी हैं। सूत्रों का कहना है कि ईरान के पास माइन बिछाने वाली छोटी नावों और जहाजों का करीब 80 से 90 प्रतिशत हिस्सा अभी भी सुरक्षित है। इसका मतलब है कि ईरान इस महत्वपूर्ण जलमार्ग में सैकड़ों और माइंस बिछाने की क्षमता रखता है जिससे खतरा और भी ज्यादा बढ़ गया है।

ट्रंप का पलटवार और बड़ी कार्रवाई

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सोमवार को बड़ा दावा करते हुए कहा कि उनकी सेना ने माइन बिछाने वाले 16 ईरानी जहाजों को उड़ा दिया है। अमेरिकी सेंट्रल कमांड ने भी इस बात की पुष्टि की है कि इस विशेष सैन्य ऑपरेशन के दौरान ईरान की समुद्री शक्ति को भारी चोट पहुंचाई गई है। ट्रंप ने साफ शब्दों में कहा है कि अगर इन माइंस को तुरंत नहीं हटाया गया तो ईरान को ऐसे गंभीर परिणाम भुगतने पड़ेंगे जो कभी नहीं देखे गए।

तेल की सप्लाई पर मंडराता खतरा

होर्मुज की खाड़ी में बढ़ते तनाव के कारण फिलहाल प्रतिदिन करीब 1.5 करोड़ बैरल कच्चे तेल की वैश्विक सप्लाई पूरी तरह से अटक गई है। इराक और कुवैत जैसे देशों के पास तेल भेजने का कोई दूसरा रास्ता नहीं है, इसलिए वे पूरी तरह से इसी मार्ग पर निर्भर हैं। हालांकि G7 देशों ने संकेत दिया है कि वे बाजार में अतिरिक्त तेल जारी कर सकते हैं ताकि कीमतों में होने वाली बढ़ोतरी को नियंत्रित किया जा सके।

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सुरक्षा और भविष्य की अनिश्चितता

अमेरिकी अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि अभी तक उनकी नौसेना ने किसी भी तेल टैंकर को एस्कॉर्ट यानी सुरक्षा घेरे में पार नहीं कराया है। लेकिन राष्ट्रपति ट्रंप इस विकल्प पर गंभीरता से विचार कर रहे हैं क्योंकि उनके पास समुद्र में बिछी माइंस को खोजने वाले दुनिया के सर्वश्रेष्ठ उपकरण हैं। जब तक यह विवाद नहीं सुलझता, तब तक समुद्री व्यापार और दुनिया भर में पेट्रोल-डीजल की कीमतों को लेकर अनिश्चितता का माहौल बना रहेगा।

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