छत्रपति संभाजीनगर में गलत बिजली बिल पर आयोग सख्त, 42,980 रुपये का बिजली बिल रद्द करने का आदेश

Mahavitaran Consumer Court Order: संभाजीनगर में उपभोक्ता आयोग ने महावितरण द्वारा भेजे गए 42,980 रुपये के बढ़े हुए बिजली बिल को रद्द कर दिया। आयोग ने उपभोक्ता को 5,000 रुपये मुआवजा देने का भी आदेश दिया
Commission Takes Strict Action Over Erroneous Electricity Bill in Chhatrapati Sambhajinagar; Orders Cancellation of ₹42,980 Bill
Chhatrapati Sambhajinagar Electricity Bill Dispute ( सोर्स: सोशल मीडिया )
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Chhatrapati Sambhajinagar Electricity Bill Dispute: छत्रपति संभाजीनगर अधिक बिजली बिल देकर उपभोक्ता को परेशान करना महावितरण को भारी पड़ गया है। जिला उपभोक्ता शिकायत निवारण आयोग ने शहर के जाधववाड़ी, सुरेवाड़ी निवासी उपभोक्ता को भेजे गए कुल 42,980 रुपये के बढ़े हुए बिजली बिल को रद्द करने का आदेश दिया है।

इसके साथ ही आयोग की अध्यक्ष शिल्पा डोल्हारकर व सदस्य गणेशकुमार सेलूकर ने उपभोक्ता को शारीरिक व मानसिक कष्ट के लिए 5,000 रुपये मुआवजा व 3,000 रुपये शिकायत खर्च देने के लिए कहा गया।

प्राप्त जानकारी के अनुसार, जाधववाड़ी, सुरेवाड़ी के किसान अरुण गंगाधर दांडेकर (69) ने महावितरण के कार्यकारी अभियंता के खिलाफ जिला उपभोक्ता आयोग में मामला दर्ज किया था।

उनकी शिकायत थी कि उनका सामान्यतः बिजली बिल प्रति माह 700 से 1,000 रुपये के आसपास आता था, परंतु लगातार 2 महीनों में उन्हें महावितरण कंपनी ने क्रमशः 20,980 रुपये और 22,000 रुपये के अत्यधिक बिल भेजे।

दांडेकर का आरोप था कि बिजली मीटर में खराबी होने के बावजूद महावितरण ने इस ओर ध्यान नहीं दिया। उन्होंने पहले मौखिक और बाद में लिखित शिकायत भी की, परंतु महावितरण के कान पर जूं नहीं रेंगने से उसने कोई कार्रवाई नहीं की। इसके बाद उन्होंने एड। अनिल अहिरे के जरिए उपभोक्ता आयोग में मामला दर्ज कराया।

मुआवजा देने की थी मांग

व अनुचित दांडेकर ने आयोग के समक्ष सेवा में कमी व उ व्यवहार का आरोप लगाते हुए बढ़े हुए बिजली बिल रद्द करने, नया मीटर लगाने व मुआवजा देने की मांग की थी।

सुनवाई के बाद आयोग ने उपभोक्ता के पक्ष में फैसला देते हुए बढ़े हुए बिजली बिल रद्द करने का आदेश दिया, उपभोक्ताओं के हित में यह फैसला बेहद अहम माना जा रहा है।

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