कोई खुद को संविधान से ऊपर न समझे, स्पीकर का फैसला ही अंतिम, संसद में किरेन रिजिजू का विपक्ष पर पलटवार

Kiren Rijiju: लोकसभा में स्पीकर ओम बिरला के खिलाफ विपक्ष द्वारा लाए गए अविश्वास प्रस्ताव पर चर्चा के दौरान संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने सरकार का पक्ष मजबूती से रखा।

Kiren Rijiju In Parliament: लोकसभा में स्पीकर ओम बिरला के खिलाफ विपक्ष द्वारा लाए गए अविश्वास प्रस्ताव पर चर्चा के दौरान संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने सरकार का पक्ष मजबूती से रखा। रिजिजू ने विपक्ष के आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि कोई भी सदस्य खुद को संविधान से ऊपर न समझे। उन्होंने स्पष्ट किया कि भारतीय संविधान के अनुच्छेद 118 और 122 के तहत सदन की कार्यवाही और संचालन में लोकसभा अध्यक्ष का निर्णय अंतिम और सर्वोपरि होता है, जिसे अदालत में भी चुनौती नहीं दी जा सकती। रिजिजू ने कांग्रेस नेता गौरव गोगोई की टिप्पणियों का जवाब देते हुए कहा कि स्पीकर का पद निष्पक्ष होता है, लेकिन भारतीय संसदीय व्यवस्था में स्पीकर को अपनी पार्टी की सदस्यता त्यागने की आवश्यकता नहीं होती। उन्होंने बाबा साहब आंबेडकर और अन्य संविधान निर्माताओं के विजन का हवाला देते हुए इस व्यवस्था का बचाव किया। उन्होंने विपक्ष पर निशाना साधते हुए कहा कि अविश्वास प्रस्ताव लाना संवैधानिक प्रावधानों और सदन की गरिमा को कमतर दिखाने की कोशिश है।

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