मुंबई में मानसून की तैयारी तेज, बीएमसी आयुक्त भूषण गगरानी ने सभी एजेंसियों को दिए सख्त निर्देश

BMC Disaster Management Plan: आगामी मानसून को देखते हुए बीएमसी मुख्यालय में आपदा प्रबंधन की अहम बैठक हुई। आयुक्त भूषण गगरानी ने जलभराव और आपात स्थितियों से निपटने की तैयारी के निर्देश दिए।
Bhushan Gangrani
भूषण गगरानी (सौ. सोशल मीडिया एक्स )
Published on
Updated on

BMC Meeting For Monsoon: आगामी मानसून को ध्यान में रखते हुए मुंबई में आपदा प्रबंधन की तैयारियों को लेकर बीएमसी मुख्यालय में मंगलवार को जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण की महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता मनपा आयुक्त भूषण गगरानी ने की।

इस दौरान उन्होंने सभी सरकारी एजेंसियों को बेहतर योजना और आपसी समन्वय के साथ मानसून की चुनौतियों से निपटने के लिए पूरी तरह तैयार रहने के निर्देश दिए। बैठक में यह भी निर्देश दिया गया कि मानसून से पहले मुंबई की सभी जर्जर और खतरनाक इमारतों का सर्वेक्षण पूरा किया जाए तथा जहां आवश्यक हो वहां रहने वाले नागरिकों का स्थानांतरण मानक कार्यप्रणाली (एसओपी) के अनुसार किया जाए।

कई विभागों के अधिकारी रहे उपस्थित

इस बैठक में मुंबई शहर और उपनगरों से संबंधित विभिन्न विभागों और एजेंसियों के अधिकारी उपस्थित थे। इनमें अतिरिक्त मनपा आयुक्त डॉ। विपिन शर्मा, डॉ अश्विनी जोशी, अभिजीत बांगर और अविनाश ढाकणे सहित मनपा के कई वरिष्ठ अधिकारी शामिल थे।

इसके अलावा केंद्र और राज्य सरकार की विभिन्न एजेंसियों जैसे मध्य रेलवे, पश्चिम रेलवे, मेट्रो, मोनो रेल, भारतीय मौसम विभाग, भारतीय तटरक्षक बल, नौसेना, राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल (एनडीआरएफ), मुंबई पुलिस, म्हाडा, पीडब्ल्यूडी, एमएमआरडीए और बेस्ट के अधिकारी भी बैठक में मौजूद रहे।

आयुक्त भूषण गगरानी ने निर्देश दिया कि मानसून के दौरान शहर में जलभराव की समस्या से निपटने के लिए वर्षा जल की निकासी तेज और प्रभावी तरीके से होनी चाहिए। इसके लिए मनपा के संबंधित विभागों के साथ सभी एजेंसियां समन्वय बनाए रखें, रेलवे क्षेत्रों में चल रहे कार्यों के दौरान यात्रियों को किसी भी प्रकार की असुविधा न हो, इसका भी विशेष ध्यान रखने को कहा गया।

वर्षा जल निकासी से जुड़ी योजनाओं पर भी की चर्चा

उन्होंने मेट्रो प्रशासन को निर्देश दिया कि हर मेट्रो स्टेशन की भौगोलिक स्थिति और आवश्यकता को देखते हुए पर्याप्त क्षमता वाले पानी निकालने के पंप लगाए जाएं, साथ ही भारतीय मौसम विभाग को समय रहते बारिश का पूर्वानुमान देने की आवश्यकता पर भी जोर दिया, ताकि सभी एजेंसियां आवश्यक तैयारियां समय पर कर सकें।

घाटकोपर में हुई होर्डिंग दुर्घटना का उल्लेख करते हुए आयुक्त ने सभी एजेंसियों को अपने-अपने क्षेत्रों में होर्डिंग का सर्वेक्षण करने और उनकी संरचना की मजबूती की जांच करने के निर्देश दिए, बैठक में मानसून की तैयारी, संभावित बीमारियों की रोकथाम तथा वर्षा जल निकासी से जुड़ी योजनाओं पर भी विस्तार से चर्चा की गई।

Navbharat Live: Hindi News
navbharatlive.com