'सड़े लाल गेहूं' से 'दुनिया का फूड बास्केट' बनने तक का सफर, संसद में शिवराज सिंह का विपक्ष को करारा जवाब

Lok Sabha News: लोकसभा में कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने भारत की कृषि शक्ति का प्रदर्शन करते हुए बताया कि कैसे देश अब खाद्यान्न उत्पादन में दुनिया का नेतृत्व कर रहा है। देखें वीडियो-

Shivraj Singh Chauhan Lok Sabha: संसद के मौजूदा सत्र में चर्चा के दौरान उस समय माहौल काफी दिलचस्प हो गया जब कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने भारत की कृषि यात्रा की तस्वीर पेश की। सदन में बोलते हुए उन्होंने न केवल आंकड़ों की झड़ी लगाई, बल्कि यह भी कहा कि भारत अब दुनिया के सामने हाथ फैलाने वाला देश नहीं, बल्कि दुनिया का पेट भरने वाला देश बन चुका है।

शिवराज सिंह चौहान ने अपने संबोधन में इतिहास के उन पन्नों को पलटा जब भारत पीएल-480 (PL 480) के तहत आयात किए गए गेहूं पर निर्भर था। उन्होंने विपक्षी दलों को याद दिलाया कि उनकी सरकारों के समय देश की स्थिति क्या थी और आज प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में क्या बदलाव आए हैं।

मंत्री जी ने गर्व से बताया कि आज हमारे अनाज के भंडार इतने भरे हुए हैं कि खाद्य मंत्री के सामने सबसे बड़ी चुनौती यह है कि इस रिकॉर्ड पैदावार को सुरक्षित रखा कहां जाए। यह बदलाव रातों-रात नहीं आया, बल्कि इसके पीछे उत्पादन बढ़ाने, लागत घटाने और किसानों को उनकी मेहनत का सही दाम दिलाने की एक सोची-समझी रणनीति रही है।

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चावल उत्पादन में अब भारत बना दुनिया का नंबर वन

सदन में जब कृषि मंत्री ने चावल के उत्पादन के आंकड़े पेश किए, तो विपक्षी खेमे में सन्नाटा पसर गया। उन्होंने घोषणा की कि 15 करोड़ टन चावल के उत्पादन के साथ भारत ने अब चीन को पीछे छोड़ दिया है और दुनिया में नंबर एक स्थान हासिल कर लिया है। भारत ने केवल चावल ही नहीं, बल्कि कुल खाद्यान्न उत्पादन में 357 मिलियन टन का नया कीर्तिमान स्थापित किया है। वार्षिक वृद्धि दर की बात करें तो, जहाँ पिछली सरकारों के समय यह केवल 3.9 मिलियन टन थी, वहीं अब यह बढ़कर 8.1 मिलियन टन हो गई है।

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