आर्थिक रूप से कमज़ोर वर्ग के मरीज़ों का इलाज अब आसान, मुख्यमंत्री चिकित्सा सहायता प्रकोष्ठ करेगा मदद

Chief Minister's Medical Aid: मुख्यमंत्री चिकित्सा सहायता प्रकोष्ठ ने यवतमाल ज़िले के कई मरीज़ों की मदद की है। यह योजना एक दुर्घटना में सिर में गंभीर चोट लगने वाले एक युवक के लिए जीवन रक्षक साबित हुई।
हड्डी टूटने पर सर्जरी के लिए सहायता प्रकोष्ठ का योगदान
हड्डी टूटने पर सर्जरी के लिए सहायता प्रकोष्ठ का योगदान (सौजन्यः सोशल मीडिया)
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Yavatmal News : मुख्यमंत्री चिकित्सा सहायता प्रकोष्ठ द्वारा आर्थिक रूप से कमज़ोर वर्ग के मरीज़ों को इलाज और सर्जरी के लिए आर्थिक सहायता प्रदान की जाती है। अब यवतमाल में ही यह प्रकोष्ठ शुरू हो गया है, जिससे मरीज़ों को मुंबई जाने की ज़रूरत नहीं है। प्रकोष्ठ ने ज़िले के कई मरीज़ों की मदद की है। यह योजना एक दुर्घटना में सिर में गंभीर चोट लगने वाले एक युवक के लिए जीवन रक्षक साबित हुई है। यवतमाल के 39 वर्षीय नीलेश गोविंदराव डोले के साथ एक साल पहले हादसा हुआ था।

इस दुर्घटना में उनके सिर में गंभीर चोटें आई थीं। चिकित्सीय जांच के बाद पता चला कि उनकी खोपड़ी की हड्डी टूट गई है। इसलिए, उनकी खोपड़ी की सर्जरी बेहद ज़रूरी थी। चूंकि नीलेश परिवार में अकेले कमाने वाले हैं, इसलिए उनका परिवार भी चिंतित था। दुर्घटना के समय इलाज पर काफ़ी खर्च आया था। नीलेश को खोपड़ी की सर्जरी के लिए नागपुर के न्यू इरा हॉस्पिटल एंड रिसर्च इंस्टीट्यूट में रेफर किया गया था। अस्पताल ने सर्जरी की बहुत ज़्यादा कीमत बताई थी। इससे परिवार वाले चिंतित थे।

मुख्यमंत्री हेल्प डेस्क का बड़ा योगदान

जब उन्हें यवतमाल ज़िला कलेक्ट्रेट में शुरू की गई हेल्प डेस्क की जानकारी मिली, तो उन्होंने इसके लिए आवेदन किया। डॉ. प्रसाद बन्सोड़ और उनके सहयोगियों ने आवेदन की जांच की और उसे मंज़ूरी के लिए भेज दिया। इसके बाद सर्जरी के लिए एक लाख रुपये की सहायता राशि मंज़ूर हुई। इस सहायता राशि की मदद से नागपुर के न्यू इरा अस्पताल में नीलेश की खोपड़ी के फ्रैक्चर की सफल सर्जरी की गई। इस सर्जरी में मुख्यमंत्री हेल्प डेस्क का बहुत बड़ा योगदान रहा। समय पर मिली सहायता राशि ने सभी चिंताओं को दूर कर दिया।

जिला स्तर की सेवा बहुत अच्छी

नीलेश डोले ने कहा कि ज़िला स्तर पर शुरू की गई यह हेल्प डेस्क बहुत अच्छी है और इससे मरीज़ों को मदद मिलेगी। चिकित्सा उपचार और सर्जिकल सहायता के लिए मरीज़ ज़िला कलेक्टर कार्यालय स्थित मुख्यमंत्री चिकित्सा सहायता प्रकोष्ठ से संपर्क कर सकते हैं। आवेदन के साथ आधार कार्ड, आय प्रमाण पत्र, राशन कार्ड, मेडिकल रिपोर्ट और बजट संलग्न करना आवश्यक है। सहायता प्राप्त करने के लिए मरीज राज्य का निवासी होना चाहिए और उसकी आय एक लाख 60 हजार से कम होनी चाहिए।जिले के 22 अस्पताल और तीन धर्मार्थ अस्पताल मुख्यमंत्री चिकित्सा राहत प्रकोष्ठ योजना में शामिल हैं।

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