अमर हुई 16 साल की मोहब्बत! तेजस क्रैश में शहीद पति नमांश को विंग कमांडर पत्नी अफसाना की आखिरी विदाई

दुबई एयरशो के दौरान तेजस जेट क्रैश में जान गंवाने वाले भारतीय वायुसेना के विंग कमांडर नमांश स्याल का पार्थिव शरीर पंचतत्व में विलीन हो चुका है, नमांश को सलामी के साथ अंतिम विदाई दी गई।
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नम आंखों से नमांश को दी गई आखिरी विदाई, पति को विंग कमांडर पत्नी अफसाना का आखिरी सलाम (फोटो- सोशल मीडिया)
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Wing Commander Namansh Syal Final Tribute: कांगड़ा एयरपोर्ट पर रविवार की सुबह एक ऐसा मंजर देखने को मिला जिसने वहां मौजूद हर शख्स की आंखें नम कर दीं। दुबई एयरशो के दौरान तेजस विमान हादसे में जान गंवाने वाले शहीद विंग कमांडर नमांश स्याल का पार्थिव शरीर जब वतन लौटा, तो फिजा में गम और गर्व दोनों घुल गए। सबसे भावुक पल वो था जब उनकी पत्नी विंग कमांडर अफसाना ने अपने पति के पार्थिव शरीर को आखिरी सैल्यूट किया। आंखों में आंसू और सीने में फौलादी जिगर लिए एक पत्नी की यह सलामी देश कभी नहीं भूलेगा।

शहीद नमांश का शव शनिवार को यूएई से भारत लाया गया और रविवार को हिमाचल स्थित कांगड़ा एयरपोर्ट पहुंचाया गया। एयरपोर्ट पर उनके माता-पिता और सात साल की बेटी भी मौजूद थी। वायुसेना के अधिकारियों के साथ जब अफसाना अपनी बेटी का हाथ थामे कास्केट की ओर बढ़ीं, तो उनके कदम संभल रहे थे लेकिन हौसला अडिग था। कास्केट के पास पहुंचकर उन्होंने पूरे सैन्य सम्मान और गरिमा के साथ पति को अंतिम विदाई दी। 16 साल का साथ छूटने का गम चेहरे पर साफ था, लेकिन एक फौजी होने का फर्ज उन्होंने पूरी शिद्दत से निभाया।

16 साल का साथ और अधूरे सपने

मूल रूप से हिमाचल प्रदेश के कांगड़ा के रहने वाले नमांश और अफसाना की कहानी बहुत खास थी। दोनों ने लव मैरिज की थी और साथ में देश सेवा की कसम खाई थी। नमांश की पत्नी भी भारतीय वायु सेना में अफसर हैं। नमांश और अफसाना के कई सपने थे, लेकिन वह 16 साल का साथ एक पल में उस वक्त खत्म हो गया, जब विमान दुर्घटनाग्रस्त हुआ। नमांश हमीरपुर के सैनिक स्कूल सुजानपुर टीरा के छात्र रहे और अपने अनुशासन के लिए जाने जाते थे। उनके पिता जगन नाथ भी रिटायर्ड आर्मी ऑफिसर हैं। वह नो 45 स्क्वाड्रन फ्लाइंग डैगर्स का हिस्सा थे।

दुबई की आखिरी उड़ान और पूरे देश में पसर गया मातम

यह दर्दनाक हादसा शुक्रवार दोपहर दुबई के अल मकतूम इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर हुआ था। नमांश विमान से लो रोल यानी कम ऊंचाई पर घुमाव वाला करतब दिखा रहे थे, तभी अचानक विमान का नियंत्रण खो गया और वह तेजी से जमीन की ओर गिर गया। जोरदार धमाके के साथ काला धुआं उठा और देश ने एक जांबाज खो दिया। अब उनका पार्थिव शरीर उनके पैतृक गांव नगरोटा बगवां ले जाया जाएगा, जहां उनका अंतिम संस्कार होगा। इससे पहले तमिलनाडु के सुलूर एयरफोर्स स्टेशन पर भी उन्हें श्रद्धांजलि दी गई।

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