Wardha News: खराब मार्ग पर वाहन चालक हो रहे दुर्घटनाओं के शिकार, बाभूलगांव (खोसे)-काजलसरा सड़क जर्जर

Babulgaon Kajalsara Road: बाभूलगांव (खोसे) से काजलसरा तक की जर्जर सड़क के कारण वाहन चालक, विद्यार्थी और किसान लगातार दुर्घटनाओं का शिकार हो रहे हैं, जिससे स्थायी डामरीकरण की मांग तेज हो गई है।
Deoli Taluka Road Issue
Babulgaon Kajalsara Road:बाभूलगांव (खोसे) से काजलसरा (सोर्सः सोशल मीडिया)
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Deoli Taluka Road Issue: वर्षों से बाभूलगांव (खोसे) से काजलसरा तक जाने वाली सड़क की हालत दिन-ब-दिन बदतर होती जा रही है। इस मार्ग पर बार-बार मरम्मत कार्य किए जाने के बावजूद सड़क बार-बार उखड़ जाती है, जिससे स्थानीय नागरिकों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। खासकर विद्यार्थियों, किसानों और वाहन चालकों के लिए यह सड़क अब जानलेवा बनती जा रही है।

देवली तहसील के अंतर्गत आने वाली इस सड़क पर वर्ष में दो से तीन बार मरम्मत कार्य किया जाता है, लेकिन यह काम लंबे समय तक टिक नहीं पाता। सड़क पर कहीं भी स्थायी डामरीकरण नहीं किया गया है, जिसके कारण गिट्टियां और अस्थायी पैच उखड़कर सड़क को और अधिक खतरनाक बना देते हैं। ग्रामीणों का कहना है कि केवल गड्ढे भरने का काम किया जाता है, जबकि समस्या के स्थायी समाधान के लिए पूरे मार्ग का डामरीकरण आवश्यक है।

दुर्घटनाओं की आशंका बढ़ी

बाभूलगांव के विद्यार्थियों को प्रतिदिन भिडी और देवली जाने के लिए इसी खस्ताहाल सड़क से होकर गुजरना पड़ता है। सड़क पर जगह-जगह बिखरी गिट्टियां और गहरे गड्ढे साइकिल और दोपहिया वाहन चालकों के लिए भी गंभीर खतरा बने हुए हैं। विशेष रूप से रात के समय अंधेरे में यह सड़क और भी जानलेवा हो जाती है, जिससे दुर्घटनाओं की आशंका बढ़ जाती है।

किसानों के लिए भी बनी बड़ी चुनौती

सड़क की खराब स्थिति का सबसे अधिक असर किसानों पर पड़ रहा है। बाभूलगांव से काजलसरा तक के मार्ग पर हर वर्ष केवल गिट्टी डाली जाती है, लेकिन सड़क का समुचित निर्माण नहीं किया जाता। किसानों का कहना है कि खेतों तक आने-जाने के दौरान बिखरी गिट्टियां बड़ी समस्या बन जाती हैं। पशुओं और कृषि सामग्री को ले जाना भी कठिन हो गया है, क्योंकि सड़क पर पड़ी गिट्टियां पैरों में चुभकर चोट का कारण बनती हैं।

प्रशासन से स्थायी समाधान की मांग

किसान जीवन ढोक ने कहा कि बाभूलगांव (खोसे) से काजलसरा तक की सड़क की दयनीय स्थिति ने किसानों और ग्रामीणों के लिए अनेक कठिनाइयां खड़ी कर दी हैं। स्थानीय प्रशासन को इस गंभीर समस्या का तत्काल और स्थायी समाधान निकालना चाहिए।

अन्यथा जनआंदोलन की चेतावनी

पूर्व पंचायत समिति सदस्य शरद देशकर ने कहा कि यदि सार्वजनिक सड़क की मरम्मत और डामरीकरण पर शीघ्र ध्यान नहीं दिया गया, तो ग्रामीणों को जनआंदोलन का रास्ता अपनाने के लिए मजबूर होना पड़ेगा।

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