ईरान के दो मजबूत पिलर ढहे, खुफिया मंत्री की मौत पर पेजेश्कियन ने की पुष्टि; जानें क्या बोले राष्ट्रपति

Israel Iran War: ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियन ने आधिकारिक तौर पर खुफिया मंत्री इस्माइल खातिब और सुरक्षा प्रमुख अली लारीजानी के मारे जाने की पुष्टि कर दी है।
Two Strong Pillars of Iran Collapse... Pzeshkian Confirms Death of Intelligence Minister; Find Out What the President Said
ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियन, फोटो (सो. सोशल मीडिया)
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Iran Israel War News Hindi: पश्चिम एशिया में जारी भीषण संघर्ष के बीच ईरान की सरकार ने अपने दो सबसे शक्तिशाली स्तंभों के ढहने की आधिकारिक पुष्टि कर दी है। ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियन ने बुधवार, 18 मार्च 2026 को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर एक भावुक पोस्ट के जरिए देश के खुफिया मंत्री इस्माइल खातिब और सुरक्षा प्रमुख अली लारीजानी की मौत की जानकारी दी। राष्ट्रपति ने इन मौतों पर गहरा शोक व्यक्त करते हुए इसे इजरायल और अमेरिका द्वारा की गई एक 'कायरतापूर्ण हत्या' बताया है।

कैबिनेट मंत्रियों और कमांडरों की शहादत

राष्ट्रपति पेजेश्कियन ने अपने पोस्ट में खुलासा किया कि इस हमले में न केवल इस्माइल खातिब और अली लारीजानी, बल्कि रक्षा मंत्री अजीज नसीरजादेह, शुरा के सचिव और कई सैन्य व बसीज कमांडर भी शहीद हुए हैं। राष्ट्रपति ने लिखा कि उनके प्रिय सहयोगियों की उनके परिवारजनों और टीम के सदस्यों के साथ की गई यह हत्या पूरे ईरान के लिए गहरे शोक का विषय है लेकिन उनका मिशन और भी अधिक दृढ़ता के साथ आगे बढ़ता रहेगा।

कौन थे इस्माइल खातिब?

इजरायली रक्षा बल के हमले में मारे गए इस्माइल खातिब ईरान के खुफिया मंत्रालय (MOIS) के प्रमुख थे। 1961 में जन्मे खातिब एक शिया मौलवी थे और उन्होंने 1980 के दशक में IRGC की इंटेलिजेंस यूनिट से अपना करियर शुरू किया था। वे पूर्व सुप्रीम लीडर अली खामेनेई के अत्यंत करीबी और भरोसेमंद अधिकारी माने जाते थे। उनके नेतृत्व में ईरान के आंतरिक विद्रोहों के दमन और विदेशी खुफिया ऑपरेशनों को अंजाम दिया जाता था। इजरायली सूत्रों के अनुसार, उनके साथ मंत्रालय के चार अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी मारे गए हैं।

ईरान की सुरक्षा नीतियों के 'पिलर'

पूर्व सुप्रीम लीडर अयातुल्ला खामेनेई की हत्या के बाद अली लारीजानी को ईरान की सुरक्षा का सबसे मजबूत पिलर माना जाता था। लारीजानी न केवल सुरक्षा रणनीतियों के प्रमुख चेहरा थे बल्कि वे पश्चिमी देशों के साथ परमाणु वार्ता में भी ईरान का प्रतिनिधित्व कर चुके थे। इजरायल ने उन्हें ईरानी शासन का सबसे 'प्रभावी नेता' करार दिया था। मंगलवार को हुए हमले में लारीजानी के साथ उनके बेटे मोर्तेजा लारीजानी और उनके ऑफिस प्रमुख अलिरेजा बयात की भी मौत हो गई।

ईरान के लिए 'अपूरणीय क्षति'

विशेषज्ञों का मानना है कि एक साथ इतने शीर्ष नेतृत्व का मारा जाना ईरान के लिए बहुत बड़ा झटका है। राष्ट्रपति पेजेश्कियन ने इसे राष्ट्रीय क्षति बताते हुए देश के लोगों के प्रति अपनी गहरी संवेदना व्यक्त की है। वर्तमान युद्ध के दौरान ईरान की पूरी कमांड चेन और खुफिया तंत्र को निशाना बनाया जा रहा है, जिससे तेहरान के लिए अपनी सुरक्षा नीतियों को फिर से व्यवस्थित करना एक बड़ी चुनौती बन गया है।

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