पाकिस्तान क्रिकेट में हड़कंप, अनफिट होने पर भी वर्ल्ड कप खेले बाबर-फखर, जांच रिपोर्ट में खुली चयन की पोल

Babar Azam: टी20 वर्ल्ड कप 2026 के दौरान बाबर आजम और फखर जमां की फिटनेस रिपोर्ट में लापरवाही के आरोपों पर पीसीबी ने जांच कराई, जिसमें दोनों खिलाड़ियों की गंभीर चोट का खुलासा हुआ।
PCB में बड़ा खुलासा: अनफिट होने पर भी वर्ल्ड कप खेले बाबर-फखर! जांच रिपोर्ट में खुली चयन की पोल
बाबर आजम (फोटो-सोशल मीडिया)
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Pakistan Cricket Team: टी20 वर्ल्ड कप 2026 के दौरान पाकिस्तान टीम के सीनियर खिलाड़ियों की फिटनेस को लेकर बड़ा विवाद सामने आया है। पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड ने बाबर आजम और फखर जमां की फिटनेस रिपोर्ट में संभावित लापरवाही की जांच के आदेश दिए थे, जिसके बाद कई चौंकाने वाले खुलासे हुए हैं।

फिटनेस पर उठे सवाल

बाबर आजम और फखर जमां के चयन को लेकर संदेह जताया गया कि दोनों खिलाड़ी पूरी तरह फिट नहीं थे। वरिष्ठ चयनकर्ता आकिब जावेद ने भी प्रेस कॉन्फ्रेंस में इस मुद्दे पर चिंता जाहिर करते हुए जांच की बात कही थी।

मेडिकल जांच में हुआ बड़ा खुलासा

सूत्रों के अनुसार, ब्रिटेन स्थित विशेषज्ञ डॉ. जावेद मुगल ने वर्ल्ड कप के बाद दोनों खिलाड़ियों की जांच की। रिपोर्ट में सामने आया कि बाबर आजम की चोट शुरुआती आकलन से ज्यादा गंभीर थी, जबकि फखर जमां लंबे समय से इसी समस्या से जूझ रहे थे।

टूर्नामेंट के बाद बढ़ी परेशानी

वर्ल्ड कप से लौटने के बाद बाबर आजम ने पैर की मांसपेशियों में खिंचाव के कारण राष्ट्रीय टी20 चैंपियनशिप से खुद को अलग कर लिया। वहीं फखर भी फिटनेस समस्याओं के चलते पूरी तरह उपलब्ध नहीं रहे। इससे मेडिकल रिपोर्ट पर सवाल और गहरे हो गए।

फिजियो की भूमिका पर उठे सवाल

चयन समिति का कहना है कि उन्होंने टीम के फिजियो क्लिफ डीकन की मंजूरी के बाद ही दोनों खिलाड़ियों को टीम में शामिल किया था। हालांकि आरोप हैं कि फिजियो ने पहले भी खिलाड़ियों को पूरी तरह फिट न होने के बावजूद खेलने की अनुमति दी थी, जिससे विवाद और बढ़ गया।

चयन प्रक्रिया पर भी बहस

इस पूरे मामले ने टीम चयन प्रक्रिया पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं। मुख्य कोच माइक हेसन और चयनकर्ताओं के बीच अधिकारों को लेकर असहमति सामने आई है। चयन समिति, जिसमें मिस्बाह उल हक, सरफराज अहमद और असद शफीक शामिल हैं, ने चयन प्रणाली की समीक्षा की मांग की है।

आगे क्या होगा?

आकिब जावेद ने कहा कि टीम के स्वदेश लौटने के बाद कोच और कप्तान के साथ बैठक कर नई चयन प्रणाली तैयार की जाएगी। हालांकि उन्होंने यह भी साफ किया कि किसी खिलाड़ी को जबरन टीम में शामिल करने का दबाव नहीं था। इस पूरे विवाद ने पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड की कार्यप्रणाली और खिलाड़ियों की फिटनेस मैनेजमेंट पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं, जिनका जवाब आने वाले समय में मिल सकता है।

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