Nagpur News: करोड़ों बहाए फिर भी बेसा-मनीष नगर रोड बदहाल, PWD की 'सुस्त' चाल से जनता बेहाल!

Besa Traffic Jam: बेसा-मनीष नगर मार्ग के लिए 12 करोड़ खर्च के बाद भी राहगीर परेशान। 80 फुट की जगह मात्र 55 फुट चौड़ी सड़क से लग रहा जाम। PWD की लापरवाही पर नागरिकों में भारी आक्रोश।
besa manish nagar road widening delay pwd negligence 12 crore waste
बेसा-मनीषनगर मार्ग (सौजन्य-नवभारत)
Updated on

Nagpur PWD: बेसा से मनीषनगर मार्ग 80 फुट चौड़ा करने में लगातार विलंब होने से बेसा-मनीषनगर मार्ग जिसे पीडब्ल्यूडी ने बनाया वह विकास में बाधक बना हुआ हैं। करीब 5 से 12 करोड़ तक इस मार्ग के निर्माण कार्य पर खर्च हो चुके हैं, इसके बावजूद समस्या अभी तक जस की तस बनी हुई हैं। वाहन चालकों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।

इससे रोजाना मार्ग पर जाम लगे रहता है। मार्ग पर दोनों ओर स्ट्रीट लाइट की भी पर्याप्त व्यवस्था नहीं है। इसके कारण रात में इस मार्ग पर पर्याप्त रोशनी भी नहीं रहती है। जब तक दुकानें शुरू रहती है तब तक दुकानों के लाइट की रोशनी सड़क पर रहती है उसके बाद दुकानें बंद होते ही मार्ग पर अंधेरा छा जाता है।

कहीं-कहीं पर स्ट्रीट लाइट तो है परंतु उसकी पर्याप्त रोशनी नहीं है। इस रास्ते की चौड़ाई 80 फुट कर मार्ग के दोनों ओर जब तक स्ट्रीट लाइट नहीं लगाये जाते है तब तक समस्या हल होना मुश्किल हैं।

ड्रेनेज लाइन की नाली ही नहीं

बेसा चौक से मनीषनगर टी पॉइंट तक के रास्ते की चौड़ाई नक्शे के मुताबिक 80 फुट होने की जानकारी नगर पंचायत ने दी हैं। वर्ष 2019 में इस रास्ते को सीमेंट मार्ग बनाने का ठेका पीडब्ल्यूडी के अभियंता चंद्रशेखर गिरी ने ठेकेदार को दिया था। उसी समय यदि पीडब्ल्यूडी गंभीरता से कार्य करते हुए 80 फुट चौड़ाई के साथ ही ड्रेनेज लाइन की नाली बनाई होती तो आज निर्माण कार्य की लागत के साथ ही यातायात की समस्या भी नहीं बढ़ती थी। आश्चर्य की बात तो यह है कि 7 वर्षों का लंबा समय होने के बाद भी रास्ता व नाली का निर्माण कार्य ही नहीं हो पाने से यह समस्या दिनों दिन बढ़ती ही जा रही हैं। स्थानीय नागरिकों ने चर्चा के दौरान बताया कि पीडब्ल्यूडी ने इस ओर शीघ्र ध्यान देकर चौड़ाई 80 फुट नहीं की तो इस संबंध में मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस, राजस्व व पालकमंत्री चंद्रशेखर बावनकुले व केंद्रीय परिवहन मंत्री नितिन गडकरी को ज्ञापन सौंपकर शिकायत की जायेगी।

80 फुट की जगह 55 फुट चौड़ाई

विशेष बात तो यह है कि बेसा नगर पंचायत के प्रशासक भारत नंदनवार व पालकमंत्री चंद्रशेखर बावनकुले ने नप बेसा परिसर को राज्य में प्रथम क्रमांक का शहर बनाने की घोषणा की हैं। नपं प्रशासक ने तीन साल में युद्धस्तर पर विकास कार्यों के प्रकल्प पूरे करने हेतु अब तक 125 करोड़ रुपये खर्च करने के साथ ही मूलभूत सुविधा के कार्य पूरे किये जा रहे हैं।

लेकिन बेसा-मनीषनगर के रास्ते की चौड़ाई 80 फुट की जगह 55 फुट करने से नप के विकास कार्य को काला दाग लगाने का काम पीडब्ल्यूडी कर रही हैं। प्रतिदिन रास्ता जाम होने से लोगों का समय व पैसा दोनों ही बर्बाद हो रहे हैं।

प्रशासन व राजनेता इस रास्ते के ट्रैफिक की समस्या को शीघ्र हल करने पीडब्ल्यूडी इस रास्ते की चौड़ाई 80 फुट करके नई ड्रैनेज लाइन का निर्माण कर नया रास्ता बनाने के साथ ही इस रास्ते को जोड़ने वाले हर रास्ते की कॉर्नर गोलाई बड़ी की जाये ताकि वाहनों को रास्ते से टर्न करने में परेशानी नहीं हो।

यह कैसा विकास

बेसा रोड के देवानंद राऊत ने बताया मनीषनगर टी पॉइंट से बेसा चौक तक का रास्ता विगत 7 वर्षों से यातायात के लिए मुसीबत बन चुका हैं। इस रास्ते की चौड़ाई 80 फुट होने पर ही समस्या से छुटकारा मिलेगा। घोगली रोड के विलय चक्रवर्ती ने बताया सरकार व राजनेता विकास कार्यों का ढोल पीट रही हैं। जो भी विकास कार्यों में पीडब्ल्यूडी रास्ते निर्माण कर रही हैं। वह एक भी तय नाप तोल व नियम में नहीं हैं। जनता की खून पसीने की कमाई व्यर्थ में जा रही हैं।

  • नवभारत लाइव पर नागपुर से तुलसीराम ठाणेकर‍ की रिपोर्ट
Navbharat Live
navbharatlive.com