
BJP-Shiv Sena Seats:उल्हासनगर मनपा चुनाव (सोर्सः सोशल मीडिया)
Ulhasnagar Municipal Corporation: लघु उद्योग नगरी के साथ-साथ राज्य में सर्वाधिक सिंधी समुदाय की आबादी वाले शहर उल्हासनगर के मनपा चुनावों में इस बार कई वर्षों से राजनीति में सक्रिय कुछ दिग्गजों को करारी हार का सामना करना पड़ा, जबकि कुछ नामचीन नेताओं ने अपना गढ़ बचाए रखा। इन चुनावों की सबसे बड़ी खासियत यह रही कि पुराने नेताओं की नई पीढ़ी ने जीत दर्ज कर राजनीति की नई पारी की शुरुआत की।
78 सीटों वाली उल्हासनगर महानगरपालिका में सिंधी समाज से 26 उम्मीदवार विभिन्न दलों से जीतकर मनपा सदन पहुंचे हैं। वहीं पंजाबी समाज से 5, बंगाली समाज से 1 और हिंदी भाषी समुदाय से 5 नगरसेवकों को जनता ने चुना है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार शेष 41 नगरसेवक स्थानीय भूमिपुत्र समुदाय से हैं।
राजनीतिक समीकरणों की बात करें तो भाजपा 37 सीटें जीतकर सबसे बड़े दल के रूप में उभरी है, जबकि शिवसेना गठबंधन ने भी 37 सीटें हासिल कर बराबरी की स्थिति बना ली है। बहुजन वंचित आघाड़ी ने 2 सीटें जीती हैं, कांग्रेस को 1 सीट मिली है और सविता तोरने रगड़े एक निर्दलीय के रूप में विजयी रही हैं। मनपा में बहुमत के लिए 40 सीटों की आवश्यकता है।
इस चुनाव में उत्तर भारतीय समुदाय से भी 5 उम्मीदवार विजयी हुए हैं, जिनमें संजय सिंह उर्फ चाचा, सुचित्रा सुधीर सिंह, दुर्गा दिनेश राय, राखी कजानिया और हरेश कनौजिया शामिल हैं। सिख समुदाय से राजेंद्र सिंह भुल्लर उर्फ महाराज, उनकी धर्मपत्नी चरणजीत कौर भुल्लर, मीना कौर अजित लबाना, कुलवंत सिंह सोहता और विक्की लबाना ने जीत दर्ज की है।
उद्योगपति सुमीत चक्रवर्ती के पुत्र आकाश चक्रवर्ती पहली बार नगरसेवक बने हैं। वहीं सिंधी समाज के प्रमुख परिवारों में शुमार गोधू किशनानी के पुत्र प्रवीण किशनानी भी पहली बार मनपा सदन पहुंचे हैं। किशनानी परिवार लंबे समय से कांग्रेस से जुड़ा रहा है, लेकिन चुनाव से कुछ दिन पहले भाजपा प्रदेश अध्यक्ष रविंद्र चव्हाण के घर आगमन के बाद उन्होंने भाजपा की सदस्यता ली। प्रवीण किशनानी भाजपा के टिकट पर पैनल 11 से चुनाव जीतने में सफल रहे।
शहर की राजनीति में पिछले चार दशकों से वर्चस्व रखने वाले कालानी परिवार से पूर्व विधायक पप्पू कालानी की पुत्री सीमा कालानी ने पैनल 5 से शिवसेना के चुनाव चिन्ह पर जीत दर्ज की है और अब मनपा में कालानी परिवार का प्रतिनिधित्व करेंगी। वहीं भाजपा विधायक कुमार आयलानी की पत्नी और पूर्व महापौर मीना आयलानी भी चुनाव जीतकर आयलानी परिवार का नेतृत्व संभालेंगी।
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साईं पार्टी की अध्यक्ष एवं पूर्व महापौर आशा इदनानी तथा पूर्व उपमहापौर जीवन इदनानी को पराजय का सामना करना पड़ा। आरपीआई नेता एवं पूर्व उपमहापौर भगवान भालेराव और पूर्व महापौर अपेक्षा पाटिल भी चुनाव हार गईं। चुनाव के दौरान उद्धव ठाकरे की शिवसेना छोड़कर भाजपा में शामिल हुए धनंजय बोड़ारे को भी करारी हार मिली, उनके पूरे प्रभाग में शिंदे गुट की शिवसेना के उम्मीदवार विजयी रहे। अंबरनाथ स्थित प्राचीन शिव मंदिर के वंशानुगत पुजारी विजय पाटिल भी शिवसेना के टिकट पर चुनाव लड़कर पराजित हुए।
राजेंद्र सिंह भुल्लर, जमनू पुरुस्वानी, राजेंद्र चौधरी, महेश सुखरमानी, जयप्रकाश माखीजा, सीमा कालानी, मीना आयलानी, मीना अजित लबाना, दीपक टोनी सिरवानी, मीना सोंडे, भाजपा अध्यक्ष राजेश वधारिया, आकाश सुमीत चक्रवर्ती, प्रवीण किशनानी, अमर लुंड, दीप्ति ठाकुर सहित अन्य उम्मीदवारों ने जीत दर्ज की।






