

Eknath Shinde News: इजरायल-ईरान के बीच शुरू हुए भयंकर युद्ध की चपेट में खाड़ी देशों के भी आ जाने से महाराष्ट्र सहित देश के बड़ी संख्या में नागरिक फंस गए हैं। ऐसे में दुबई में फंसे महाराष्ट्र के 84 छात्रों सहित 164 नागरिकों की सकुशल वापसी के लिए राज्य के उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे स्वयं मैदान में उतरे एवं एकबार फिर संकटमोचक की भूमिका निभाई। डिप्टी सीएम एकनाथ शिंदे की पहल पर दो विशेष विमानों के माध्यम से 164 लोगों को सुरक्षित मुंबई लाया गया। मंगलवार की आधी रात को जैसे ही दुबई से मुंबई एयरपोर्ट पर स्पेशल विमान पहुंचा तो लोगों की खुशी का ठिकाना नहीं था। शिवसेना की प्रवक्ता शायना एनसी स्वयं कई पदाधिकारियों के साथ एयरपोर्ट पर यात्रियों के स्वागत के लिए मौजूद थीं। यात्रियों ने डिप्टी सीएम एकनाथ शिंदे के प्रति कृतज्ञता जताते हुए शिवसेना जिंदाबाद के नारे भी लगाए।
84 स्टूडेंट्स ऐसे थे जो एक एजुकेशनल प्रोग्राम के लिए दुबई गए थे। पश्चिमी एशिया में लड़ाई की वजह से वे दुबई में फंसे हुए थे। उनके अभिभावकों में भी दहशत थी। ऐसे में डिप्टी सीएम शिंदे ने उनसे तत्काल संपर्क कर उन्हें चिंता न करने की सलाह देते हुए महाराष्ट्र से 164 नागरिकों के लिए दो स्पेशल फ्लाइट्स का इंतजाम किया। इसके अलावा महाराष्ट्र सरकार ने एक इमरजेंसी WhatsApp हेल्पलाइन शुरू की, जिसके ज़रिए नागरिकों और परिवारों को लगातार संपर्क में रखा गया। सिविल एडमिनिस्ट्रेशन, एक्सटर्नल अफेयर्स डिपार्टमेंट और लोकल कम्युनिटी के बीच कोऑर्डिनेशन बनाया गया। इससे वहां युद्धजन्य स्थिति में फंसे नागरिकों को बड़ी मानसिक राहत भी मिली।
उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर पोस्ट किया, "दुबई में फंसे महाराष्ट्र के कई नागरिकों को स्वदेश वापस लाने में शिवसेना को सफलता मिली है। फुजैराह एयरपोर्ट से रवाना हुए यात्री आज रात मुंबई में सुरक्षित रूप से लौट आए हैं। देश के लोकप्रिय और यशस्वी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी व गृहमंत्री अमित शाह के सहयोग और मार्गदर्शन के कारण ही यह 'घर वापसी' संभव हो पाई है।" उन्होंने 'एक्स' पोस्ट में आगे लिखा, "संकट में फंसे महाराष्ट्र के नागरिकों को और मानसिक तनाव में रहे उनके परिजनों को राहत दिलाने में सफलता मिली, इससे बहुत बड़ी संतुष्टि और आनंद की अनुभूति हो रही है।"
शिवसेना के राष्ट्रीय सह समन्वयक दिनेश शिंदे ने कहा कि यह कोई नई बात नहीं है। इसके पहले भी शिवसेना के मुख्य नेता एकनाथ शिंदे कई बार मुश्किल में कीफंसे लोगों के लिए संकटमोचक की तरह आगे आते रहे हैं। चाहे कोविडकाल हो, इरशालवाड़ी आपदा, पहलगाम हमला, मणिपुर का संकट या अब दुबई से अपने नागरिकों की सुरक्षित वापसी, हर बार उतने ही कमिटमेंट के साथ एकनाथ शिंदे का मानवीय चेहरा लोगों को दिखाई दिया है।