

Hair Fall Control Tips: आज की भागदौड़ भरी जिंदगी में महिलाएं अक्सर झड़ते बाल, मुंहासे और अनियमित पीरियड्स को तनाव मानकर नजरअंदाज कर देती हैं। लेकिन चिकित्सा विज्ञान और आयुर्वेद के अनुसार इन सभी समस्याओं की जड़ जिंक की कमी हो सकती है। शरीर के हार्मोन संतुलन और कोशिकाओं की मरम्मत के लिए यह सूक्ष्म पोषक तत्व अनिवार्य है।
जिंक एक ऐसा ट्रेस मिनरल है जिसकी शरीर को बहुत कम मात्रा में जरूरत होती है लेकिन इसका प्रभाव व्यापक है। इंडियन काउंसिल ऑफ मेडिकल रिसर्च (ICMR) के अनुसार एक वयस्क महिला को रोजाना 8 से 12 मिलीग्राम जिंक की आवश्यकता होती है। यह डीएनए निर्माण इम्यून सिस्टम को मजबूत रखने और घाव भरने के साथ-साथ प्रजनन स्वास्थ्य के लिए पिलर की तरह काम करता है।
डॉक्टरों का कहना है कि जिंक सीधे तौर पर एस्ट्रोजन और प्रोजेस्टेरोन जैसे महत्वपूर्ण हार्मोनों को नियंत्रित करता है। जब शरीर में जिंक का स्तर गिरता है तो मासिक धर्म चक्र बिगड़ जाता है।
जिंक हेयर फॉलिकल्स को मजबूती देता है और नई कोशिकाओं के निर्माण में मदद करता है। इसकी कमी से बाल पतले और बेजान होकर झड़ने लगते हैं। वहीं त्वचा के लिए यह एक प्राकृतिक एंटी-इंफ्लेमेटरी एजेंट है। चेहरे पर अचानक बढ़ते मुंहासे और सूजन इस बात का संकेत हो सकते हैं कि आपकी त्वचा को जिंक की सख्त जरूरत है।
आयुर्वेद में जिंक को शरीर की धातुओं को पुष्ट करने वाला माना गया है। यह अग्नि यानी पाचन शक्ति को संतुलित रखता है। विज्ञान भी इस बात की पुष्टि करता है कि बिना जिंक के शरीर का मेटाबॉलिज्म और हार्मोनल ग्राफ स्थिर नहीं रह सकता।
विशेषज्ञ सलाह देते हैं कि डाइट में कद्दू के बीज, दालें, नट्स, डेयरी उत्पाद और साबुत अनाज शामिल करें। यदि लक्षण गंभीर हैं तो बिना डॉक्टर की सलाह के सप्लीमेंट्स न लें क्योंकि जिंक की अधिकता भी नुकसानदेह हो सकती है।