कलवा रेलवे स्टेशन को उड़ाने की दी धमकी, 43 वर्षीय एक व्यक्ति को गिरफ्तार

Thane News: ठाणे से सटे कलवा रेलवे स्टेशन को बम से उड़ाने की धमकी देने के आरोप में 43 वर्षीय एक व्यक्ति को गिरफ्तार किया गया है। रेलवे के एक अधिकारी ने यह जानकारी दी।
कलवा रेलवे स्टेशन को उड़ाने की दी धमकी
कलवा रेलवे स्टेशन को उड़ाने की दी धमकी (सौजन्यः सोशल मीडिया)
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Thane News: ठाणे से सटे कलवा रेलवे स्टेशन को बम से उड़ाने की धमकी देने के आरोप में 43 वर्षीय एक व्यक्ति को गिरफ्तार किया गया है। रेलवे के एक अधिकारी ने यह जानकारी दी। अधिकारी ने बताया कि गहन जांच के बाद यह धमकी झूठी निकली थी। राजकीय रेलवे पुलिस कि आरोपी रूपेश मधुकर रणपिसे ने रविवार शाम करीब चार बजे पुलिस हेल्पलाइन नंबर पर फोन कर बताया कि उसने कलवा रेलवे स्टेशन पर बम रखा है।

जीआरपी ने एक विज्ञप्ति में कहा कि रेलवे स्टेशन पर ड्यूटी पर तैनात पुलिस कर्मियों को इसके बारे में सूचित किया गया और बम निरोधक दस्ते तथा रेलवे सुरक्षाबल के श्वान दस्ते ने गहन तलाशी ली। आरोपी ने पुलिस को फोन पर बताया था कि वह बम के साथ कलवा रेलवे स्टेशन पर है और परिसर को उड़ा देगा। आरोपी के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है।

पार्टियों का पंजीकरण रद्द

एक दुसरी खब़र में ठाणे जिले के उल्हासनगर एवं नवी मुंबई से पंजीकृत सेक्युलर अलायंस ऑफ इंडिया' एवं राष्ट्रीय अंत्योदय कांग्रेस' नामक राजनीतिक दल का रजिस्ट्रेशन रद्द हो सकता है। इस संदर्भ में दोनों राजनीतिक पार्टियों को केंद्रीय चुनाव आयोग ने कारण बताओ नोटिस जारी किया है। चुनाव आयोग की तरफ से कहा गया है कि पिछले 6 वर्षों से यानी 2019 से इन पार्टियों ने कोई चुनाव नहीं लड़ा है।

इसलिए आयोग का मानना है कि इन पार्टियों ने जनप्रतिनिधित्व अधिनियम, 1951 की धारा 29A के अनुसार एक राजनीतिक दल के रूप में कार्य करना बंद कर दिया है। इसी कारण से आयोग ने पार्टी का पंजीकरण रद्द करने का निर्णय लिया है। हालांकि कार्रवाई करने से पहले, पार्टी को अपना पक्ष रखने का अवसर दिया गया है। जिसे गंभीरता से नहीं लेने पर इन पार्टियों का पंजीकरण रद्द हो सकता है।

प्रस्तुत करना होगा दस्तावेज और हलफनामा

पार्टी को लिखित स्पष्टीकरण, संबंधित दस्तावेज और अध्यक्ष या महासचिव का हलफनामा प्रस्तुत - करना आवश्यक है। इस मामले में सुनवाई 11 सितंबर 2025 को मुंबई स्थित महाराष्ट्र के मुख्य चुनाव अधिकारी के कार्यालय में होगी। इस सुनवाई में पार्टी अध्यक्ष, महासचिव या पार्टी प्रमुख का उपस्थित होना अनिवार्य है। चुनाव आयोग के उप - सचिव व संयुक्त मुख्य चुनाव अधिकारी मनोहर पारकर के हस्ताक्षर से एक नोटिस जारी किया गया है।

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