

Akhilesh Yadav: संसद के शीतकालीन सत्र में मंगलवार को लोकसभा में चुनाव सुधार पर चर्चा के दौरान सपा सांसद अखिलेश यादव ने चुनाव आयोग और सरकार पर गंभीर सवाल उठाए। उन्होंने उत्तर प्रदेश में हुए उपचुनाव का जिक्र करते हुए कहा कि चुनाव में निष्पक्ष कार्रवाई कहीं भी नहीं दिखी। रामपुर बाई इलेक्शन में भाजपा नेतृत्व और मुख्यमंत्री ने पहली ही पार्टी की जीत तय कर दी थी।
सपा सुप्रीमो ने कहा कि वोटिंग के दिन हमने देखा कि किस तरह से पुलिस-प्रशासन इस बात पर ध्यान दे रहा था कि कोई वोटर घर से न निकले। भाजपा वहां से पहली बार लोकसभा चुनाव जीती। चुनाव आयोग को हमने एक-एक घटना की सूचना दी। लेकिन चुनाव आयोग ने किसी के खिलाफ कोई एक्शन नहीं लिया। अगर कोई एक्शन लिया हो तो बता दें।
समाजवादी पार्टी से कन्नौज के सांसद ने कहा कि चुनाव में हार-जीत होती है। लेकिन चुनाव आयोग का काम निष्पक्ष रहना है। एक समय था जब कांग्रेस से लड़ते थे, आज आपसे लड़ रहे हैं। एक समय था जब हमारी पार्टी के सिर्फ पांच सांसद थे, लेकिन आज हम भाजपा को दूसरे नंबर पर कर के यहां बैठे हैं।
सपा मुखिया ने सीईसी की नियुक्ति प्रक्रिया में बदलाव को लेकर कांग्रेस का साथ दिया। साथ ही उन्होंने कहा कि बैलेट पेपर से वोटिंग होनी चाहिए। तकनीक की दुहाई देने वाले लोग देख लें कि तकनीक में जापान-जर्मनी जैसे देश कहां खड़े हैं और भारत कहां है। ऐसे में जब जापान-जर्मनी जैसे देश बैलेट पेपर से वोटिंग करा सकते हैं, तो हम क्यों नहीं?
मुफ्त की योजानओं पर सवाल उठाते हुए अखिलेश ने कहा कि हमने यूपी में एक नई नीति बनाई है। तब भाजपा ने कहा कि यह चुनाव प्रभावित करने के लिए किया गया है। आयोग से इस पर रोक लगवा दी गई। उन्होंने कहा कि टीवी पर बराबर स्पेस मिलना चाहिए। सोशल मीडिया पर निगेटिव कैंपेन में भाजपा हजारों करोड़ रुपए खर्च कर रही है। इलेक्टोरल बॉन्ड्स सबसे ज्यादा भाजपा को और दूसरे नंबर पर कांग्रेस को मिले।
चर्चा के दौरान अखिलेश यादव ने कांग्रेस की भी चुटकी ली। उन्होंने कहा कि कांग्रेस भी हमें यह नहीं बताती कि मिलता कहां से है। यह न दिखाई देने वाला खेल है, इसमें रीजनल पार्टियां कहां टिकेंगी? एसआईआर पर अखिलेश यादव ने कहा कि यूपी में 10 लोगों की जान जा चुकी है।
कन्नौज सांसद ने कहा कि चुनाव सुधार की प्रक्रिया सबसे पहले चुनाव आयोग से ही शुरू होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि चंडीगढ़ में जिस तरह वोट चोरी हुई। मतदाताओं को वोट डालने से रोका गया। एक व्यक्ति ने कई बार वोट डाला साथ ही वोटिंग के दिन सरकारी योजनाओं के जरिए मतदाताओं को प्रभावित करने की कोशिश की गई।
अखिलेश यादव ने आगे कहा कि ऐसी घटनाओं पर सख्ती से रोक लगनी चाहिए। उन्होंने कहा कि वन नेशन-वन इलेक्शन के साथ-साथ वोटर लिस्ट को भी एक करने की बात हो रही है। जबकि उत्तर प्रदेश में तो आधार कार्ड जैसी पहचान को भी मान्यता नहीं दी जा रही। एसआईआर नहीं, बल्कि यह अंदरखाने में एनआरसी जैसा काम चल रहा है।