योगी आदित्यनाथ या अमित शाह...कौन बनेगा मोदी का उत्तराधिकारी? RSS चीफ मोहन भागवत ने दे दिया जवाब

Mohan Bhagwat News: लंबे समय से मुल्क के सियासी हलकों में यह चर्चा चल रही है कि PM मोदी का उत्तराधिकारी कौन होगा? चर्चाओं में UP के CM योगी आदित्यनाथ और केन्द्रीय गृह मंत्री अमित शाह का नाम आगे आता है
modi shah yogi
पीएम मोदी अमित शाह व सीएम योगी (डिजाइन फोटो)
Published on
Updated on

PM Modi Successor: लंबे समय से मुल्क के सियासी हलकों में यह चर्चा चल रही है कि पीएम मोदी का उत्तराधिकारी कौन होगा? चर्चाओं में उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और केन्द्रीय गृह मंत्री अमित शाह का नाम आगे आता है। इसके अलावा इक्का-दुक्का लोगों के मुंह से केन्द्रीय मंत्री नितिन गडकरी और राजनाथ सिंह का नाम भी सुनने को मिलता है।

इस बीच राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) प्रमुख मोहन भागवत सोमवार को तमिलनाडु की राजधानी चेन्नई पहुंचे थे। यहां उन्होंने संघ के शताब्दी वर्ष समारोह के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में शिरकत की। इस दौरान संघ प्रमुख मोहन भागवत ने कई अहम सवालों पर अपनी राय जाहिर की।

कौन बनेगा मोदी का उत्तराधिकारी?

इस मौके पर जब पूछा गया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की जगह कौन लेगा? जवाब में भागवत ने साफ किया कि इस मामले पर आखिरी फैसला भारतीय जनता पार्टी और पीएम मोदी के बीच आपसी बातचीत के बाद होगा। उन्होंने कहा कि पूरी प्रक्रिया पार्टी की रणनीति और अनुशासन के अंदर होगा। संघ प्रमुख ने योगी या शाह में से किसी का भी नाम नहीं लिया।

pm modi amit shah yogi adityanath
पीएम मोदी, अमित शाह व योगी आदित्यनाथ (डिजाइन फोटो)

चेन्नई में और क्या बोले संघ प्रमुख?

भागवत ने तमिलनाडु में आरएसएस की लिमिटेड मौजूदगी पर भी कमेंट किया। उन्होंने कहा कि राज्य में नेशनलिस्ट भावना 100% मौजूद है, लेकिन कुछ बनावटी रुकावटें इस भावना को पूरी तरह से ज़ाहिर होने से रोक रही हैं। भागवत ने भरोसा दिलाया कि ये रुकावटें ज़्यादा दिन नहीं रहेंगी और इन्हें हटाने की कोशिशें जारी हैं। उन्होंने कहा कि तमिलनाडु के लोग अपनी संस्कृति, परंपरा और देश के हित के लिए समर्पित रहे हैं, और इन मूल्यों को और मज़बूत करना ज़रूरी है।

लोगों से परंपरा बनाए रखने की अपील

RSS चीफ ने तमिलनाडु के लोगों से अपनी मातृभाषा में बात करने और अपनी पारंपरिक लाइफस्टाइल बनाए रखने की अपील की। ​​उन्होंने यह भी सवाल किया कि लोग तमिल में साइन करने में क्यों हिचकिचाते हैं। भागवत ने सभी भारतीय भाषाओं को बराबर अहमियत देते हुए कहा कि वे हमारी सांस्कृतिक पहचान और गर्व का हिस्सा हैं।

उन्होंने दक्षिण भारतीय राज्यों की संस्कृति, खासकर पारंपरिक ड्रेस "वेष्टि" की तारीफ़ की, जो लोगों के सांस्कृतिक रिश्तों की निशानी है। भागवत ने साफ़ किया कि भारतीय संस्कृति की इस विविधता को बचाना और बढ़ावा देना समाज और देश दोनों के लिए ज़रूरी है।

Navbharat Live: Hindi News
navbharatlive.com