पुणे पोर्शे कार हादसा मामले में बड़ी कार्रवाई, दो पुलिसकर्मी सेवा से बर्खास्त, जानें क्या था आरोप

Pune Porsche Accident Case: पुणे पाेर्शे दुर्घटना मामले में लापरवाही के दोषी दो पुलिसकर्मियों को सेवा से बर्खास्त किया गया। नाबालिग आरोपी के रक्त नमूने देर से लेने, सबूतों में हेराफेरी का आरोप था।
Pune Porsche Accident Case
पुणे पोर्शे कार हादसा (सोर्स: सोशल मीडिया)
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Pune Police Officers Dismissed: पुणे पाेर्शे कार दुर्घटना की जांच में कथित लापरवाही बरतने के आरोप में दो निलंबित पुलिस अधिकारियों पर बड़ी कार्रवाई हुई है। पुणे पुलिस कमिश्नर अमितेश कुमार ने येरवडा थाने के निरीक्षक और सहायक पुलिस निरीक्षक (एपीआई) को सेवा से बर्खास्त कर दिया है।

पुणे शहर में पिछले साल हुई पाेर्शे कार दुर्घटना की जांच में कथित तौर पर लापरवाही बरतने के लिए निलंबित किए गए दो पुलिसकर्मियों को सेवा से बर्खास्त कर दिया गया है। पुणे के पुलिस आयुक्त अमितेश कुमार ने बुधवार को इस कार्रवाई की जानकारी दी।

बर्खास्त किए गए अधिकारियों में येरवडा थाने में तैनात निरीक्षक राहुल जगदाले और सहायक पुलिस निरीक्षक (एपीआई) विश्वनाथ तोडकरी शामिल हैं। ये दोनों अधिकारी दुर्घटना के मामले में देर से रिपोर्ट करने और अपने कर्तव्य में लापरवाही बरतने के लिए पहले से ही निलंबित थे। अधिकारी ने बताया कि इन दोनों पुलिसकर्मियों को बर्खास्त करने का एक प्रस्ताव मार्च 2025 में गृह विभाग को भेजा गया था।

जांच में सामने आईं बड़ी खामियां

इस मामले की एक आंतरिक जांच में पुलिस को कई प्रक्रियात्मक खामियां मिली थीं। आंतरिक जांच से पता चला कि मामला दर्ज करते समय कमियां थीं और नाबालिग आरोपी के रक्त के नमूने एकत्र करने में भी देरी हुई थी। पुलिस के अनुसार, 19 मई 2024 के तड़के हुई दुर्घटना के कई घंटों बाद, सुबह 11 बजे लड़के के रक्त के नमूने लिए गए थे।

रक्त के नमूनों में हेराफेरी का मामला

पोर्शे कार दुर्घटना कल्याणी नगर इलाके में हुई थी, जहां कथित तौर पर नशे की हालत में 17 वर्षीय लड़के द्वारा चलाई जा रही पाेर्शे कार ने मोटरसाइकिल पर सवार दो सॉफ्टवेयर इंजीनियरों को कुचल दिया था, जिससे उनकी मौत हो गई थी।

जांच में यह भी खुलासा हुआ कि नाबालिग के रक्त के नमूनों को कथित तौर पर उसकी मां के नमूनों से बदल दिया गया था। इस मामले में शामिल नाबालिग को बाल सुधार गृह से रिहा कर दिया गया है, जबकि उसकी मां वर्तमान में जमानत पर बाहर है। रक्त के नमूनों में हेराफेरी के गंभीर मामले में, नाबालिग के पिता, ससून अस्पताल के डॉक्टरों अजय तावरे और श्रीहरि हालनोर तथा कर्मचारी अतुल घटकांबले समेत कुल नौ आरोपी वर्तमान में जेल में हैं।

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