
Mahayuti Wins:नासिक महानगरपालिका चुनाव (सोर्सः सोशल मीडिया)
Nashik Municipal Election: लोकसभा चुनाव को छोड़कर विधानसभा, नगरपालिका और अब महानगरपालिका चुनावों के नतीजों ने यह साफ कर दिया है कि ‘लाडली बहना’ योजना का राजनीतिक लाभ भाजपा और शिंदे गुट की शिवसेना को लगातार मिल रहा है। हाल ही में घोषित महानगरपालिका चुनाव परिणामों ने एक बार फिर महिला मतदाताओं के महायुति के प्रति झुकाव को स्पष्ट रूप से सामने रखा है।
चुनावी प्रचार के दौरान मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस और उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने महिला मतदाताओं पर विशेष फोकस रखा। मुख्यमंत्री फडणवीस की य. म. मैदान में आयोजित सभा में महिलाओं को अग्रिम पंक्तियों में स्थान दिया गया। कार्यकर्ताओं ने ‘लाडली बहनों’ का सम्मान करते हुए उन्हें आगे बैठाया, जहां मुख्यमंत्री ने भरोसा दिलाया कि उनके कार्यकाल में यह योजना कभी बंद नहीं होगी। इसी तरह, उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाली शिवसेना के प्रचार अभियान का केंद्र भी ‘लाडली बहना’ योजना ही रही।
इस रणनीति का असर सीधे चुनावी आंकड़ों में नजर आया। भले ही शिंदे गुट की शिवसेना को पूर्ण बहुमत न मिला हो, लेकिन उसका प्रदर्शन उल्लेखनीय रहा और पार्टी दूसरे सबसे बड़े दल के रूप में उभरकर सामने आई। महिला मतदाताओं के मजबूत समर्थन के चलते महाअघाड़ी को करारी हार का सामना करना पड़ा।
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महानगरपालिका चुनाव के लिए नासिक में कुल 6,56,675 महिला मतदाता पंजीकृत थीं, जिनमें से 3,64,696 महिलाओं ने अपने मताधिकार का प्रयोग किया। भाजपा और शिंदे गुट की जीत के आंकड़े यह संकेत देते हैं कि नासिक की महिला मतदाताओं ने दोनों ‘लाडले भाइयों’ देवेंद्र फडणवीस और एकनाथ शिंदे को खुलकर समर्थन दिया।






