बजट सत्र शुरू: वाढवण बंदरगाह से समृद्धि विस्तार तक, विदर्भ बनेगा स्टील कॉरिडोर; विकास का रोडमैप पेश

Maharashtra Budget: महाराष्ट्र विधानमंडल के बजट सत्र की शुरुआत राज्यपाल के अभिभाषण से हुई। वाढवण बंदरगाह, समृद्धि महामार्ग विस्तार और दावोस निवेश समझौतों समेत विकास योजनाओं का रोडमैप पेश किया गया।
Budget session begins: From Vadhavan Port to prosperity expansion, Vidarbha to become a steel corridor; roadmap for development unveiled
Mahayuti Government Development Roadmap( सोर्स: सोशल मीडिया )
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Mahayuti Government Development Roadmap: मुंबई राज्यपाल आचार्य देवव्रत के अभिभाषण से सोमवार से राज्य विधानमंडल के बजट सत्र की शुरुआत हो गई। राज्यपाल ने वाढवण बंदरगाह से लेकर समृद्धि महामार्ग के विस्तार तक की महायुति सरकार की उपलब्धियां गिनाईं। उन्होंने राज्य सरकार के विकास का रोडमैप का जिक्र करते हुए बताया कि इंडस्ट्री, निवेश, कृषि, शिक्षा, स्वास्थ्य और रोजगार सृजन पर फोकस है।

विदर्भ को स्टील कॉरिडोर बनाने के साथ ही दावोस कॉन्फ्रेंस से हुए समझौते से बड़ी मात्रा में राज्य में निवेश आएगा, विदर्भ विकास, समृद्धि हाईवे के विस्तार और खेती में मॉडर्न टेक्नोलॉजी के इस्तेमाल जैसी अहम घोषणाएं की गई हैं। देश की कुल जीडीपी में राज्य का हिस्सेदारी 13 प्रतिशत है।

विधानभवन पहुंचने पर राज्यपाल का विधान परिषद के सभापति राम शिंदे, विधानसभा अध्यक्ष राहुल नार्वेकर मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस। उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे, सुनेत्रा पवार सहित अन्य मंत्रियों ने स्वागत किया।

विधान भवन के सेंट्रल हॉल में अपने अभिभाषण में राज्यपाल ने महायुति सरकार की वित्तीय वर्ष 2024-25 की उपलब्धियां गिनाई और आगे की योजनाओं का जिक्र किया।

उन्होंने कहा कि साल 2024-25 में राज्य में करीब 1 लाख 65 हजार करोड़ रुपये का विदेशी निवेश (एफडीआई) आया है। दावोस में करीच 30 लाख करोड़ रुपये के निवेश समझौतों पर हस्ताक्षर किए गए हैं। राज्य सरकार इंफ्रास्ट्रक्वर, निवेश, कृषि और जनहित की योजनाओं को अच्छे से लागू कर रही है।

सीमा विवाद सुलझाने उठाएंगे ठोस कदम

राज्यपाल ने कहा कि हम विकसित महाराष्ट्र की तरफ मजबूती से आगे बढ़ रहे हैं। महाराष्ट्र-कर्नाटक सीमा विवाद को सुलझाने के लिए महायुति सरकार प्रतिबद्ध है। सुप्रीम कोर्ट में राज्य का मजबूत पक्ष रखने के लिए जाने-माने वकीलों की नियुक्त किया गया है। सीमा इलाकों में मराठी बोलने बालों के लिए शिक्षा, स्थ्य और कई कल्याणकारी योजनाओं को असरदार तरीके से लागू किया जा रहा है।

इंफ्रास्ट्रक्चर और मैरीटाइम विकास

राज्यपाल ने कहा कि राज्य के आर्थिक और इंडस्ट्रियल विकास को तेज करने के लिए 4,478 करोड़ के 147 बड़ी रोड परियोजनाओं को मंजूरी दी गई है। मुंबई में 'इंडिया मैरीटाइम वीक 2025' के दौरान करीब 56,000 करोड़ रुपये के ठेके साइन किए गए। शिपबिल्डिंग, रिपेयर और रीसाइक्लिंग पॉलिसी की घोषणा की गई है।

निवेश में महाराष्ट्र अव्वल

  • राज्यपाल ने कहा कि महाराष्ट्र देश के ग्रॉस डोमेस्टिक प्रोडक्ट में 13.5 प्रतिशत से ज्यादा का योगदान देता है। राज्य को साल 2024-25 में 1,64,875 करोड रुपये का एफडीआई मिला। यह देश के कुल निवेश का 39 फीसदी हिस्सा है।
  • साल 2025-26 की पहली छमाही में राज्य में 91,337 करोड़ का निदेश आया है। साल 2026 में दावोस में हुए 30 लाख करोड़ के समझौते में 40 लाख नौकरियां सृजित होने की उम्मीद है। 'विकसित महाराष्ट्र 2047 के लिए एवा विजन मैनेजमेंट यूनिट बनाई गई है।
  • 'उम्मीद' कैंपेन के तहत, 6.60 लाख महिला बचत समूहों को लोन
  • 26 लाख से ज्यादा महिलाएं बनी 'लखपति दीदी'
  • आदिवासी महिलाओं के लिए 'रानी दुर्गावती महिला साक्षरता योजना
  • रतन टाटा महाराष्ट्र स्टेट स्किल यूनिवर्सिटी ने एआई और डेटा साइंस का किया विस्तार
  • किलोमा कोर्स का 154 विषय का शिक्षा कंटेंट मराठी में उपलब्ध
  • छात्रों के मानसिक स्वास्थ्य के लिए खास नीति लागू

नई नीति से स्टार्टअप्स को बढ़ावा

राज्यपाल ने कहा कि महाराष्ट्र इंडस्ट्री, इन्वेस्टमेंट एंड सर्विसेज पॉलिसी 2025' के तहत 17.50 लाखा करोड़ रुपये के निवेश और 50 लाख नौकरियों का लक्ष्य रखा गया है।

बैम्बू, जेमस्टोन ज्वेलरी, एवीजीसी- एक्सआर और ग्लोबल पावर सेटर पॉलिसी की घोषणा की गई है। गडचिरोली को स्टील हब और पूर्वी विदर्भ को स्टील कॉरिडोर के तौर पर विकसित करने का प्लान है, 'महाराष्ट्र स्टार्टअप, एंटखेन्योरशिप एंड इनोवेशन पॉलिसी 2025' का मकसद अगले पांच वर्षों में 1.25 लाख उद्यमी और 50 हजार स्टार्टअप्स को सपोर्ट करना है।

एक्सपोर्ट इंडेक्स में राज्य टॉप पर

राज्यपाल ने कहा कि जनवरी 2026 में नीति आयोग के जारी 'एक्सपोर्ट रेडीनेस इंडेक्स 2024 में महाराष्ट्र ने पहला स्थान हासिल किया है। महाराष्ट्र स्टेट रोड डेवलपमेंट कॉर्पोरेशन और महाराष्ट्र स्टेट इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट कॉर्पोरेशन के चुने हुए इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स की इंफ्रास्ट्रक्चर इन्वेस्टमेंट ट्रस्ट को हस्तांतरित करने और पब्लिक व निजी निवेशकों से फंड जुटाने की मंजूरी दी गई है। इससे कर्ज का बोझा कम करने और नए इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स में निवेश बढ़ाने में मदद मिलेगी।

कृषि और किसानों पर फोकस

राज्यपाल ने कहा कि 'महाराष्ट्र कृषि एआई पॉलिसी' को लागू करके कृषि व किसानों के विकास पर जोर दिया गया है। 7,000 किसान ग्रुप 3।22 लाख हेक्टेयर जमीन पर काम कर रहे हैं।

कपास और सोयाबीन की खरीद, फसल बीमा और आपदा प्रभावित किसानों को 15,576 करोड़ रुपये मदद दी गई है। मुख्यमंत्री बलिराजा की बिजली स्कीम के तहत, 7.5 हॉर्स पावर तक के खेती के पंपों को फ्री बिजली दी जा रही है, 44 लाख किसानों को 25,087 करोड़ रुपये दिए गए है। राज्य ने सोलर पंप लगाने का रिकॉर्ड बनाया है।

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