गुजरात और तमिलनाडु को पछाड़ महाराष्ट्र बना 'एक्सपोर्ट किंग', नीति आयोग ने जारी किए चौंकाने वाले आंकड़े

NITI Aayog EPI: नीति आयोग के चौथे निर्यात तैयारी सूचकांक (EPI) 2024 में महाराष्ट्र ने शीर्ष स्थान हासिल किया है। जानें गुजरात, तमिलनाडु और उत्तर प्रदेश की रैंकिंग और रिपोर्ट की मुख्य बातें।
Export Preparedness Index Maharashtra ranking
एक्सपोर्ट किंग महाराष्ट्र (AI generated image)
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India export growth 2026: नीति आयोग के चौथे निर्यात तैयारी सूचकांक (ईपीआई) 2024 में महाराष्ट्र ने शीर्ष स्थान हासिल किया है। इसके बाद तमिलनाडु और गुजरात क्रमश: दूसरे व तीसरे स्थान पर है। यह सूचकांक राज्यों की निर्यात क्षमता और प्रदर्शन के संदर्भ में उनकी तैयारियों का आकलन करने के उद्देश्य से तैयार किया गया है।

सरकारी शोध संस्थान नीति आयोग की बुधवार को जारी रिपोर्ट के अनुसार महाराष्ट्र के बाद तमिलनाडु, गुजरात, उत्तर प्रदेश, आंध्र प्रदेश, कर्नाटक और पंजाब का स्थान है। छोटे राज्यों की श्रेणी में उत्तराखंड शीर्ष स्थान पर रहा।

इसके बाद जम्मू-कश्मीर, नगालैंड, दादरा एवं नगर हवेली और दमन व दीव, गोवा तथा त्रिपुरा का स्थान है। रिपोर्ट जारी करते हुए नीति आयोग के मुख्य कार्यपालक अधिकारी (सीईओ) बी.वी. आर. सुब्रह्मण्यम ने कहा कि भारत के मुक्त व्यापार एवं आर्थिक साझेदारी समझौतों का विस्तार करने के साथ ही मजबूत घरेलू आधार का महत्व बढ़ता जा रहा है।

क्या बोले सुबह्रमण्यम?

उन्होंने कहा, ‘‘ राज्यों के लिए इसका अर्थ ऐसे परिवेश को बढ़ावा देना है जो नए अवसरों पर तेजी से प्रतिक्रिया दे सके और वैश्विक मानकों के अनुरूप हो। साथ ही जिलों में प्रतिस्पर्धा का माहौल बना सके।''

सुबह्रमण्यम ने कहा कि हाल के वर्षों में कई राज्यों ने समर्पित नीतियों, संस्थानों और बुनियादी ढांचे के माध्यम से अपनी निर्यात दृष्टि को मजबूत करना शुरू कर दिया है जो अधिक सक्रिय एवं संरचित दृष्टिकोण की ओर स्पष्ट बदलाव को दर्शाता है। निर्यात, आर्थिक वृद्धि का एक प्रमुख चालक है और यह देशों को वैश्विक मूल्य शृंखलाओं (जीवीसी) में अपनी स्थिति मजबूत करने, विदेशी मुद्रा अर्जित करने और वैश्विक प्रतिस्पर्धात्मकता बढ़ाने में अहम भूमिका निभाता है।

दुनिया की सबसे तेज अर्थव्यवस्था

दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ती प्रमुख अर्थव्यवस्था भारत के लिए निर्यात आर्थिक मजबूती बढ़ाने, व्यापार घाटा कम करने और समावेशी वृद्धि को बढ़ावा देने के लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण है। निर्यात तैयारी सूचकांक में एक सुसंगत एवं आंकड़ा-आधारित पद्धति का इस्तेमाल किया गया है।

इसके तहत निर्यात नीतियों, कारोबारी माहौल, बुनियादी ढांचे की गुणवत्ता एवं निर्यात परिणामों सहित कई कारकों का मूल्यांकन किया गया है। इसमें आंकड़े राज्य तथा केंद्र सरकार दोनों के स्रोतों से जुटाए जाते हैं और प्रत्येक संकेतक को उसके महत्व के आधार पर भार प्रदान किया जाता है।

(एजेंसी इनपुट के साथ)

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