
(प्रतीकात्मक तस्वीर)
Mumbai News In Hindi: बीएमसी चुनाव संपन्न होने के बावजूद दिंडोशी विधानसभा क्षेत्र में राजनीतिक सरगर्मियां थमने का नाम नहीं ले रही हैं। वार्ड क्रमांक 43 से जुड़े एक यूट्यूबर द्वारा सोशल मीडिया पर लगाए गए आरोपों के बाद इलाके की राजनीति एक बार फिर गरमा गई है।
इस मामले में कुरार पुलिस स्टेशन के वरिष्ठ पुलिस निरीक्षक संजीव तावड़े पर भाजपा प्रत्याशी विनोद मिश्रा को चुनाव हराने की साजिश रचने के गंभीर आरोप लगाए गए हैं। यूट्यूबर ने फेसबुक लाइव के माध्यम से आरोप लगाया कि वरिष्ठ पुलिस निरीक्षक संजीव तावड़े ने राजेश पांडे को चुनाव मैदान में उतरने की सलाह दी थी, ताकि भाजपा प्रत्याशी विनोद मिश्रा को पराजित किया जा सके।
आरोप है कि इसी रणनीति के तहत राजेश पांडे ने अपने बेटे जयेश पांडे को बसपा के टिकट पर चुनाव लड़वाया। अधिकारी के अनुसार, पांडे इस मामले में पुलिस पर दबाव बनाने और अपनी छवि सुधारने के उद्देश्य से इस तरह के वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर वायरल कर रहा हैं। फिलहाल यह मामला राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप तक सीमित है, लेकिन सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे वीडियो ने पुलिस प्रशासन और राजनीतिक दलों दोनों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं।
चुनाव बीत जाने के बाद राजेश पांडे ने स्वयं सोशल मीडिया पर वीडियो जारी कर इन आरोपों की पुष्टि करते हुए कहा कि वरिष्ठ पुलिस निरीक्षक नहीं चाहते थे कि विनोद मिश्रा चुनाव जीते। उनके इस बयान के वायरल होते ही इलाके में हलचल मच गई है और आम जनता कुरार पुलिस की भूमिका को संदेह की दृष्टि से देखने लगी है।
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हालांकि, इस पूरे मामले में पुलिस विभाग की ओर से अलग ही तस्वीर सामने आ रही है। नाम न छापने की शर्त पर एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने बताया कि राजेश पांडे के खिलाफ कुरार पुलिस स्टेशन में एसआरए (स्लम रिहैबिलिटेशन अथॉरिटी) परियोजना में फर्जी दस्तावेजों के आधार स्लम के घर को एसआरए तब्दील होने के बाद हड़पने और धोखाधड़ी का मामला दर्ज है।






