
बृहन्मुंबई महानगरपालिका (सोर्स: सोशल मीडिया)
BMC Mayor Election Date: कई दिनों से लंबित बीएमसी में अब महापौर का चुनाव होने जा रहा है। बीएमसी आयुक्त व पीठासीन अधिकारी भूषण गगरानी ने 11 फरवरी को चुनाव कराने के आदेश दिए हैं। महापौर पद के लिए नामांकन 7 फरवरी से दाखिल किए जा सकेंगे। 11 फरवरी को नामांकन वापस लेने की अंतिम तिथि भी होगी और इसी दिन चुनाव भी संपन्न कराया जाएगा। इस वर्ष का महापौर सामान्य वर्ग महिला के लिए आरक्षित है, जिस वजह से एक महिला को नगरसेवक चुना जाएगा। यह निर्णय राज्य सरकार की तरफ से कराई गई लॉटरी के माध्यम से लिया गया था। इसके अलावा उप-महापौर का भी चुनाव बुधवार को ही कराया जाएगा। चुनाव के दिन मुंबई के सभी 227 नगरसेवक अपना वोट महापौर उम्मीदवार को देंगे और यह एक पारदर्शी प्रक्रिया होगी यानी किस नगरसेवक ने किसे वोट दिया है। यह पता चल जाएगा।
राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी के कुल 3 नगरसेवक हैं। नियम के मुताबिक अगर किसी राजनीतिक दल का एक से अधिक नगरसेवक चुनकर आते हैं, तो वह अपना गट नेता चुन सकते हैं। वहीं पार्टी सूत्रों के मुताबिक, शिंदे सेना चाह रही है कि एनसीपी शिंदे सेना के अमेय घोले को ही अपना गट नेता माने और एनसीपी अपना गट नेता नहीं चुने। लेकिन एनसीपी ने ऐसा करने से इनकार कर दिया है और अपना गट नेता चुनने की बात कही है। राजनीतिक विशेषज्ञों का मानना है कि एनसीपी अगर अपना गट नेता चुनती है तो पार्टी का अस्तित्व बरकरार रहेगा। क्योंकि पार्टी का कार्यालय उन्हें पहले ही नहीं मिल रहा है।
बता दें कि 11 फरवरी को महापौर का चुनाव होने के बाद अगले ढाई वर्षों तक निर्वाचित महापौर का कार्यकाल रहेगा। उसके बाद दोबारा लॉटरी के माध्यम से महापौर सीट के आरक्षण का फैसला किया जाएगा व दोबारा चुनाव कराया जाएगा।
पार्टी के नेता इसे पुराने कार्यकर्ताओं और अन्य दलों से आए “बाहरी नेताओं के बीच संघर्ष के रूप में देख रहे हैं। वरिष्ठ नेताओं के अनुसार पिछले कुछ दिनों में लॉबिंग और तेज हो गई है। दावेदार और उनके समर्थक मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस से मुलाकात के लिए समय मांग रहे हैं। हर्षिता नार्वेकर, रितु तावड़े, राजश्री शिरवडकर और शीतल गंभीर का नाम आगे चल रहा है। वहीं मुंबई भाजपा का एक गुट रितु तावड़े का खुलकर समर्थन कर रहा है, जबकि राहुल नार्वेकर अपनी भाभी हर्षिता नार्वेकर की उम्मीदवारी को आगे बढ़ाने के लिए प्रभाव डाल रहे हैं।
इधर पार्टी के एक अन्य वर्ग ने यह कहते हुए आपत्ति जताई है कि नार्वेकर, तावड़े और शीतल मूल रुप से भाजपा के सदस्य नहीं हैं। क्योंकि वे अन्य दलों से आकर पार्टी में शामिल हुए हैं। महापौर का पद ऐसी महिला को मिलना चाहिए, जिसने वर्षों से मुंबई में भाजपा संगठन के लिए काम किया हो।
इस बार का चुनाव बेहद दिलचस्प है क्योंकि बीएमसी के इतिहास में पहली बार बीजेपी सबसे बड़ी शक्ति बनकर उभरी है। राजनीतिक गलियारों में चर्चा है कि भाजपा का महापौर बनना अब महज एक औपचारिकता रह गई है, बस नाम का आधिकारिक ऐलान होना बाकी है। प्रशासन ने भी इस ‘लोकतंत्र के उत्सव’ के लिए खास इंतजाम किए है। बीएमसी मुख्यालय के बाहर बड़ी स्क्रीनें लगाई जाएंगी, ताकि आम जनता भी इस चुनावी प्रक्रिया को लाइव देख सके। सोशल मीडिया और यूट्यूब पर भी इसका सीधा प्रसारण होगा।
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दूसरी तरफ समितियों के अध्यक्ष पद को लेकर मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस और उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के बीच अहम बैठक होने वाली है, जिसमें स्थायी (स्टैंडिंग) और शिक्षा जैसी महत्वपूर्ण समितियों के बंटवारे पर मुहर लगेगी। दिलचस्प बात यह है कि आआंगणवाड़ी की प्रसिद्ध देवी यात्रा के सम्मान में सभी दलों की सहमति से चुनाव की तारीख को थोड़ा आगे बढ़ाकर 11 फरवरी कर दिया गया है। भाजपा के भीतर महापौर पद की दौड ने विभिन्न गुटों के बीच मतभेद भी उजागर कर दिए है।






