
Thane To Kalyan Mayors of 5 Cities in MMR (फोटो क्रेडिट-इंस्टाग्राम)
Thane To Kalyan Mayors of 5 Cities in MMR: महाराष्ट्र की राजनीति में नगर निकायों के चुनाव परिणामों के बाद अब शहरों को उनके नए ‘प्रथम नागरिक’ मिलने लगे हैं। मुंबई महानगर क्षेत्र (MMR) के प्रमुख शहरों, ठाणे, कल्याण-डोंबिवली, मीरा-भायंदर और उल्हासनगर में महापौर और उपमहापौर के चुनाव संपन्न हो गए हैं। इन चुनावों में अधिकांश स्थानों पर शिवसेना (शिंदे गुट) और भाजपा के ‘महायुति’ गठबंधन ने अपना परचम लहराया है। हालांकि, देश की सबसे अमीर महानगरपालिका मुंबई (BMC) में अभी भी सस्पेंस बरकरार है, जहाँ 11 फरवरी को नए महापौर के नाम पर मुहर लगने की उम्मीद है।
इन चुनावों की सबसे खास बात यह रही कि कई प्रमुख शहरों में वर्षों से चल रहा प्रशासकीय शासन (Administrator Rule) अब समाप्त हो गया है और सत्ता की चाबी फिर से निर्वाचित जनप्रतिनिधियों के हाथों में आ गई है। ठाणे और कल्याण जैसे महत्वपूर्ण केंद्रों में महिलाओं को नेतृत्व का अवसर देकर महायुति ने एक बड़ा राजनीतिक संदेश देने की कोशिश की है।
मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के गढ़ ठाणे में शर्मिला गायकवाड को निर्विरोध महापौर चुना गया है, जबकि भाजपा के कृष्णा पाटिल उपमहापौर बने हैं। मुख्यमंत्री की अनुपस्थिति के कारण शर्मिला ने फिलहाल पदभार ग्रहण नहीं किया है। वहीं, कल्याण-डोंबिवली (KDMC) में शिवसेना की हर्षाली चौधरी महापौर और भाजपा के राहुल दामले निर्विरोध उपमहापौर निर्वाचित हुए। यहाँ 2020 से प्रशासकीय शासन लागू था, जिसका अब औपचारिक अंत हो गया है। सांसद श्रीकांत शिंदे ने इस मौके पर कहा कि बिना आरक्षण के भी महिलाओं को अवसर देना सरकार की महिला सशक्तिकरण नीति का हिस्सा है।
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मीरा-भायंदर में भाजपा की डिंपल मेहता ने इतिहास रच दिया है। वे इस मनपा की दूसरी बार महापौर बनने वाली पहली जनप्रतिनिधि बन गई हैं। उन्होंने कांग्रेस-शिवसेना (UBT) गठबंधन की रुबीना शेख को भारी मतों से पराजित किया। यहाँ भाजपा के ध्रुवकिशोर पाटिल उपमहापौर चुने गए। दूसरी ओर, उल्लासनगर में एक दिलचस्प सियासी गठजोड़ देखने को मिला, जहाँ धुर विरोधी रहे कालाणी गुट और भाजपा साथ आए। यहाँ टीम ओमी कालाणी का प्रतिनिधित्व करने वाली शिवसेना की अश्विनी निकम महापौर और भाजपा के अमर लुंड उपमहापौर के रूप में निर्विरोध चुने गए।
पालघर जिले के वसई-विरार (VVMC) में पूर्व विधायक हितेंद्र ठाकुर के नेतृत्व वाली बहुजन विकास आघाड़ी (BVA) ने अपना वर्चस्व कायम रखा है। महायुति की तमाम कोशिशों के बावजूद BVA के अजीव पाटील ने महापौर पद पर भाजपा की दर्शना त्रिपाठी को 27 वोटों के अंतर से शिकस्त दी। इसी तरह, उपमहापौर पद पर भी BVA के मार्शल लोपिस ने जीत दर्ज की। 115 सीटों वाली इस मनपा में 71 सीटों के साथ BVA ने साबित कर दिया कि क्षेत्र की स्थानीय राजनीति में उनका कोई सानी नहीं है।






