

BMC Mayor: मुंबई महानगरपालिका (बीएमसी) में 'सामान्य वर्ग की महिला' के लिए मेयर पद आरक्षित होने के बाद अब असली मुकाबला उम्मीदवारों के चयन को लेकर है। देश की सबसे अमीर नगर निकाय के मेयर पद के लिए बीजेपी और महायुति के भीतर कई नामों पर मंथन चल रहा है। इस रेस में केवल चुनावी जीत ही नहीं, बल्कि प्रशासनिक अनुभव, बोलने की कला और जनता के बीच पकड़ को आधार बनाया जा रहा है। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस और बीजेपी नेतृत्व उन चेहरों की तलाश में है जो आगामी विधानसभा चुनावों में भी पार्टी के लिए 'पोस्टर गर्ल' साबित हो सकें।
बीजेपी की सूची में अनुभव और युवा जोश का मिला-जुला मिश्रण देखने को मिल रहा है। इस हाई-प्रोफाइल रेस में करीब आधा दर्जन नाम तैर रहे हैं, जिनमें से शीतल गंभीर देसाई, तेजस्वी घोसालकर और राजश्री शिरवाडकर जैसे नाम सबसे आगे बताए जा रहे हैं।
बीजेपी की ओर से सबसे प्रबल दावेदार के रूप में शीतल गंभीर देसाई का नाम सामने आ रहा है। वे माहिम (वार्ड 190) से चुनाव जीती हैं, जो कभी शिवसेना (UBT) का अभेद्य किला माना जाता था। शीतल पूर्व शिवसेना विधायक सुरेश गंभीर की बेटी हैं और वर्तमान में मुंबई बीजेपी महिला मोर्चा की अध्यक्ष हैं। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने स्वयं एक चुनावी रैली में उनकी तारीफ करते हुए कहा था कि वे नागरिक मुद्दों पर आदित्य ठाकरे को चुनौती देने में सक्षम हैं। उनका लंबा प्रशासनिक अनुभव और शहर के मुद्दों पर उनकी मजबूत पकड़ उन्हें इस पद के लिए सबसे योग्य उम्मीदवार बनाती है।
दहिसर से भारी मतों से जीत दर्ज करने वाली तेजस्वी घोसालकर बीजेपी की नई 'पोस्टर गर्ल' बनकर उभरी हैं। वे शिवसेना (UBT) के पूर्व पार्षद स्वर्गीय अभिषेक घोसालकर की पत्नी हैं। तेजस्वी खुद पूर्व में पार्षद रह चुकी हैं और उनके परिवार का दहिसर क्षेत्र में गहरा राजनीतिक प्रभाव है। उन्होंने शिवसेना (UBT) के गढ़ में बड़ी सेंध लगाकर बीजेपी को ऐतिहासिक जीत दिलाई है। पार्टी उन्हें मेयर बनाकर एक बड़ा राजनीतिक संदेश देना चाहती है, साथ ही उनके प्रति सहानुभूति की लहर का लाभ भी उठाना चाहती है।
अनुभवी चेहरों की बात करें तो राजश्री शिरवाडकर (वार्ड 172, सायन-कोलीवाड़ा) का नाम काफी मजबूती से उभरा है। वे बीजेपी की वरिष्ठ पार्षद हैं और बीएमसी के विभिन्न समितियों में महत्वपूर्ण भूमिका निभा चुकी हैं। उनके साथ ही घाटकोपर से दूसरी बार पार्षद बनीं रितु तावड़े का नाम भी चर्चा में है। रितु तावड़े को गुजराती बाहुल्य क्षेत्र में मराठा चेहरा होने के बावजूद सर्वमान्य नेता माना जाता है। इसके अलावा, पूर्व उप-महापौर अलका केलकर और रानी द्विवेदी जैसी जुझारू नेताओं के नाम भी इस सूची में शामिल हैं।