क्लस्टर डेवलपमेंट से अमृत योजना तक, जानें ठाणे से कल्याण तक नवनिर्वाचित महापौरों का क्या है एक्शन प्लान

Thane To Kalyan New Mayors ActionPlan: ठाणे, कल्याण और मीरा-भायंदर की नई मेयरों ने पदभार संभालते ही विकास कार्यों की प्राथमिकताएं तय की हैं। जल आपूर्ति और सड़कों पर रहेगा मुख्य जोर।
New Mayors Priorities 2026
New Mayors Priorities And Plans 2026 (फोटो क्रेडिट-इंस्टाग्राम)
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New Mayors Priorities 2026: मुंबई महानगर क्षेत्र (MMR) के प्रमुख शहरों में नवनिर्वाचित महापौरों ने कार्यभार संभालते ही आगामी ढाई वर्षों के लिए अपना 'विज़न डॉक्यूमेंट' तैयार करना शुरू कर दिया है। चूंकि पिछले कई वर्षों से ये महानगरपालिकाएं प्रशासकीय नियंत्रण में थीं, इसलिए स्थानीय विकास कार्य और जनशिकायतें लंबित पड़ी हैं। नई महापौरों के सामने सबसे बड़ी चुनौती मानसून से पहले बुनियादी ढांचे को दुरुस्त करने और बढ़ती आबादी के हिसाब से जल आपूर्ति सुनिश्चित करने की है। सरकार ने भी इन शहरों के लिए बजट में विशेष प्रावधान करने का आश्वासन दिया है।

प्रशासनिक सूत्रों के अनुसार, ठाणे, कल्याण-डोंबिवली और मीरा-भायंदर जैसी मनपाओं के बजट में इस बार 15 से 20 प्रतिशत की वृद्धि देखी जा सकती है। यह अतिरिक्त फंड मुख्य रूप से 'स्मार्ट सिटी' प्रोजेक्ट्स और प्रदूषण नियंत्रण के लिए इस्तेमाल किया जाएगा।

ठाणे: क्लस्टर डेवलपमेंट और ट्रांसपोर्ट पर जोर

ठाणे की नई महापौर शर्मिला गायकवाड की सबसे बड़ी प्राथमिकता मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के महत्वाकांक्षी 'क्लस्टर डेवलपमेंट' प्रोजेक्ट को गति देना है। ठाणे में जर्जर इमारतों की समस्या को देखते हुए क्लस्टर योजना के तहत पुनर्विकास को समय सीमा में पूरा करना उनकी प्राथमिकता सूची में सबसे ऊपर है। इसके अलावा, ठाणे के आंतरिक यातायात को सुधारने के लिए नई सड़कों का जाल बिछाना और मेट्रो फीडर बसों की संख्या बढ़ाना प्रस्तावित है। ठाणे मनपा इस बार स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने के लिए नगर निगम के अस्पतालों में पीपीपी मॉडल पर नई मशीनें लाने की योजना बना रही है।

केडीएमसी: जलापूर्ति और कूड़ा प्रबंधन का समाधान

कल्याण-डोंबिवली की महापौर हर्षाली चौधरी के सामने 27 गांवों की पानी की समस्या का स्थायी समाधान ढूंढना सबसे बड़ी चुनौती है। उन्होंने स्पष्ट किया है कि अमृत योजना (AMRUT) के तहत चल रहे जल परियोजनाओं को तेजी से पूरा किया जाएगा। इसके साथ ही, डोंबिवली के प्रदूषण और आधारवाड़ी डंपिंग ग्राउंड के वैज्ञानिक निस्तारण के लिए बजट में बड़े प्रावधान किए जा रहे हैं। कल्याण-डोंबिवली में सड़कों को गड्ढा मुक्त बनाने के लिए कंक्रीटकरण की नई परियोजनाओं को मंजूरी दी गई है, जिससे मानसून के दौरान होने वाली परेशानियों को कम किया जा सके।

मीरा-भायंदर और वसई-विरार: पर्यटन और कनेक्टिविटी

मीरा-भायंदर की महापौर डिंपल मेहता ने शहर के सौंदर्यीकरण और पर्यटन स्थलों के विकास को प्राथमिकता दी है। उनके विजन में भायंदर वेस्ट में चौपाटी का विकास और उत्तन क्षेत्र को पर्यटन हब बनाना शामिल है। वहीं, वसई-विरार में अजीव पाटील ने कनेक्टिविटी पर जोर दिया है। वसई-विरार को मुंबई से जोड़ने वाले कोस्टल रोड और नए फ्लाईओवर्स के लिए राज्य सरकार से अतिरिक्त फंड की मांग की गई है। वसई-विरार नगर निगम इस बार कृषि और मछली पालन से जुड़े स्थानीय उद्योगों को बढ़ावा देने के लिए विशेष बाजार नीति लागू करने पर विचार कर रहा है।

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