
कांग्रेस सांसद वर्षा गायकवाड (सोर्स: सोशल मीडिया)
Varsha Gaikwad On BMC Election: बृहन्मुंबई महानगर पालिका (BMC) चुनावों में कांग्रेस के अब तक के सबसे खराब प्रदर्शन के बाद, पार्टी ने चुनाव प्रक्रिया की निष्पक्षता पर सवाल उठाए हैं। मुंबई कांग्रेस अध्यक्ष वर्षा गायकवाड ने सीधे तौर पर आरोप लगाया है कि यह चुनाव लोकतांत्रिक मूल्यों की हत्या है, जहां सत्ता और पैसे का नंगा नाच हुआ।
हाल ही में संपन्न हुए 227 सदस्यीय बीएमसी चुनावों में कांग्रेस का प्रदर्शन निराशाजनक रहा। वंचित बहुजन आघाडी (VBA), RSP और RPI (गवई) के साथ गठबंधन करने के बावजूद, कांग्रेस महज 24 सीटों पर सिमट गई। यह पार्टी के इतिहास का सबसे निचला स्तर है। तुलनात्मक रूप से देखें तो 2017 में कांग्रेस ने 31 सीटें जीती थीं।
दूसरी ओर, भाजपा और शिवसेना गठबंधन ने स्पष्ट बहुमत हासिल कर बीएमसी में अपनी पकड़ मजबूत की है। भाजपा ने 89 और शिवसेना ने 29 सीटें जीतकर सत्ता की चाबी अपने हाथ में ली है, जबकि शिवसेना (UBT) 65 सीटों के साथ मुख्य विपक्षी भूमिका में नजर आ रही है।
नवनिर्वाचित पार्षदों से मुलाकात के बाद पत्रकारों से बात करते हुए वर्षा गायकवाड ने चुनाव प्रक्रिया की पारदर्शिता पर कड़े प्रहार किए। उन्होंने दावा किया कि 15 जनवरी को हुए मतदान के दौरान कई स्तरों पर गड़बड़ियांं की गईं। गायकवाड ने कहा कि उम्मीदवारों को नामांकन वापस लेने के लिए डराया-धमकाया गया। वोटों की खरीद-फरोख्त के लिए भारी मात्रा में धन का वितरण हुआ। मतगणना के दौरान प्रशासनिक स्तर पर अनियमितताएं बरती गईं। उन्होंने कहा कि इन तमाम विपरीत परिस्थितियों और सरकारी दबाव के बावजूद हमारे कार्यकर्ताओं ने साहस दिखाया और लोकतंत्र के लिए लड़ते रहे।
The BMC elections this time saw unprecedented attacks on democratic processes – from forcing people to withdraw nominations, distributing money and even malpractices during counting. But our Congress cadre and candidates fought bravely in the face of many obstacles. Today met the… pic.twitter.com/CDtc0hVZlY — Prof. Varsha Eknath Gaikwad (@VarshaEGaikwad) January 19, 2026
भले ही सीटों की संख्या कम हो, लेकिन वर्षा गायकवाड ने स्पष्ट किया कि कांग्रेस सदन के भीतर और बाहर ‘मुंबईकरों’ की आवाज को दबने नहीं देगी। उन्होंने कहा कि निर्वाचित प्रतिनिधि यह सुनिश्चित करेंगे कि नगर प्रशासन पारदर्शिता और जवाबदेही के साथ काम करे।
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गायकवाड ने उन कार्यकर्ताओं और उम्मीदवारों का भी उत्साहवर्धन किया जो जीत दर्ज नहीं कर सके। उन्होंने अपील की कि हार से निराश होने के बजाय वे जमीनी स्तर पर जनता के मुद्दों को उठाना जारी रखें। पार्टी अब इन आरोपों को लेकर कानूनी और राजनीतिक दोनों मोर्चों पर आगे की रणनीति तैयार कर रही है।






