
सांसद वर्षा गायकवाड के साथ कांग्रेस पार्षद अशरफ आजमी (सोर्स: सोशल मीडिया)
Ashraf Azmi BMC Congress Leader: मुंबई नगर निगम (BMC) चुनावों में करारी शिकस्त के बाद कांग्रेस ने बड़े बदलाव की ओर कदम बढ़ाए हैं। पार्टी ने कुर्ला से अनुभवी पार्षद अशरफ आजमी को बीएमसी में कांग्रेस विधायक दल का नेता नियुक्त किया है। यह फैसला संगठन को जमीनी स्तर पर फिर से जीवित करने के उद्देश्य से लिया गया है।
बीएमसी के नवनिर्वाचित सदन के लिए कांग्रेस ने अशरफ आजमी को अपना चेहरा बनाया है। आजमी कुर्ला से तीन बार के पार्षद हैं और नगर निगम की कार्यप्रणाली की गहरी समझ रखते हैं। कांग्रेस विधायक अमीन पटेल के अनुसार, आजमी की नियुक्ति पार्टी के उस विजन का हिस्सा है जिसमें अनुभवी हाथों में कमान सौंपकर निगम में विपक्ष की आवाज को मुखर करना है।
हालिया चुनाव परिणामों के बाद कांग्रेस कार्यालय में एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। इसमें उन उम्मीदवारों को भी बुलाया गया जो बहुत ही कम अंतर से चुनाव हार गए थे। अमीन पटेल ने बताया कि पार्टी का मुख्य लक्ष्य अब भविष्य की चुनौतियों से निपटना है। बैठक में इस बात पर जोर दिया गया कि हारने वाले प्रत्याशियों के समूह से ही भविष्य के नेता तैयार किए जा सकते हैं, ताकि आगामी समय में संगठन की पकड़ वार्ड स्तर पर मजबूत की जा सके।
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इस बार के बीएमसी चुनाव कांग्रेस के लिए ऐतिहासिक रूप से चुनौतीपूर्ण रहे। 227 सदस्यीय सदन में पार्टी मात्र 24 सीटों पर सिमट गई, जो कि बीएमसी के इतिहास में उसका अब तक का सबसे कम आंकड़ा है। कांग्रेस ने यह चुनाव वंचित बहुजन आघाडी (VBA), RSP और RPI (गवई) के साथ गठबंधन में लड़ा था, लेकिन यह प्रयोग सफल नहीं रहा।
चुनाव नतीजों में भाजपा 89 सीटों के साथ सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी है, जबकि उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाली शिवसेना ने 29 सीटें हासिल कर स्पष्ट बहुमत की राह आसान की है। दूसरी ओर, उद्धव ठाकरे के नेतृत्व वाली शिवसेना (UBT) 65 सीटों के साथ मजबूत विपक्ष की भूमिका में है। मनसे को केवल 6 सीटें मिली हैं। ऐसे में 24 सीटों वाली कांग्रेस के लिए अशरफ आजमी के नेतृत्व में अपनी उपस्थिति दर्ज कराना एक कठिन परीक्षा होगी।






