राज ठाकरे ने चला 'किल्लेदार' दांव, BMC में यशवंत संभालेंगे MNS की कमान, नगरसेवकों की बैठक में हुआ ऐलान

Yashwant Killedar News: बीएमसी में महापौर पद के लिए राजनीतिक बिसात बिछ गई है। इससे पहले मुंबई महानगरपालिका में MNS ने सियासी तेवर तेज कर दिए हैं। राज ठाकरे ने यशवंत किल्लेदार को BMC में गटनेता बनाया।
BMC Politics Raj Thackeray Appoints Yashwant Killedar as MNS Group Leader
राज ठाकरे के साथ यशवंत किल्लेदार (सोर्स: सोशल मीडिया)
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Yashwant Killedar Appointed MNS Group Leader: मुंबई महानगरपालिका (BMC) में सत्ता के शिखर पर पहुंचने की जद्दोजहद शुरू हो चुकी है। 22 जनवरी को होने वाली आरक्षण लॉटरी से पहले सभी दल अपनी रणनीतियां मजबूत कर रहे हैं। जहां राज ठाकरे ने यशवंत किल्लेदार पर भरोसा जताया है, वहीं बीजेपी और उद्धव गुट के बीच संभावित 'बैकडोर डील' ने राजनीतिक हलचल बढ़ा दी है।

यशवंत किल्लेदार संभालेंगे मनसे की कमान

मुंबई महानगरपालिका (BMC) में महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (MNS) ने अपनी सक्रियता बढ़ा दी है। राज ठाकरे के आवास 'शिवतीर्थ' पर हुई एक महत्वपूर्ण बैठक में मनसे प्रमुख ने यशवंत किल्लेदार को बीएमसी में मनसे का गटनेता नियुक्त किया है। शिवतीर्थ पर हुई मीटिंग में सभी नवनिर्वाचित नगरसेवक, MNS नेता बाला नांदगांवकर, अविनाश अभ्यंकर और नितिन सरदेसाई मौजूद थे।

यशवंत किलेदार ने मीडिया को ग्रुप लीडर चुने जाने की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि आज सभी नगरसेवकों की बैठक हुई थी। इसमें उन्हें ग्रुप लीडर चुना गया। पार्टी से कोई एफिडेविट नहीं लिया गया, पार्टी को इसकी जरूरत महसूस नहीं हुई।

किल्लेदार ने प्रभाग क्रमांक 192 (शिवसेना भवन क्षेत्र) से शिवसेना की प्रीति पाटणकर को 1,425 मतों से हराकर एक बड़ी जीत दर्ज की थी। मनसे के कुल 6 नगरसेवक सदन में विपक्षी और सत्ता पक्ष की रणनीतियों को चुनौती देने के लिए तैयार हैं। किल्लेदार ने स्पष्ट किया है कि उनकी नियुक्ति के लिए पार्टी ने किसी हलफनामे की आवश्यकता नहीं समझी, जो नेतृत्व के उन पर भरोसे को दर्शाता है।

मेयर के लिए 22 जनवरी को आरक्षण लॉटरी

महापौर पद के भविष्य का फैसला 22 जनवरी को होने वाली आरक्षण लॉटरी से होगा। वर्तमान में मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस दावोस के दौरे पर हैं और उनके लौटने के बाद ही यह प्रक्रिया पूरी की जाएगी। इस बीच, भारतीय जनता पार्टी ने अपने सभी 89 नवनिर्वाचित नगरसेवकों को अगले 8 से 10 दिनों तक मुंबई न छोड़ने के सख्त निर्देश दिए हैं। माना जा रहा है कि आरक्षण की स्थिति स्पष्ट होते ही बीजेपी सत्ता स्थापना का दावा पेश कर सकती है।

क्या बीजेपी और उद्धव गुट में होगा 'बैकडोर सेटलमेंट'?

सियासी गलियारों में सबसे बड़ी चर्चा बीजेपी और उद्धव ठाकरे गुट के बीच संभावित तालमेल को लेकर है। चर्चा है कि 2017 में जब बीजेपी ने शिवसेना के महापौर के लिए पीछे हटने का फैसला किया था, उद्धव गुट अब उसकी 'भरपाई' कर सकता है। सूत्रों के अनुसार, महापौर चुनाव के दौरान उद्धव गुट के 65 नगरसेवक सदन से अनुपस्थित रह सकते हैं, जिससे बीजेपी की राह आसान हो सकती है और चुनाव निर्विरोध होने की संभावना बन सकती है। हालांकि, एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाली शिवसेना भी अपने स्वाभिमान और बालासाहेब ठाकरे की जन्मशताब्दी के अवसर पर अपने दल का महापौर बनाने के लिए अड़ी हुई है।

बीएमसी का वर्तमान संख्या बल

मुंबई की सत्ता का समीकरण वर्तमान में कुछ इस प्रकार है: बीजेपी के पास 89, शिवसेना (UBT) के पास 65, एकनाथ शिंदे की शिवसेना के पास 29, कांग्रेस के पास 24, मनसे के पास 6, एआईएमआईएम के पास 8 और अन्य दलों के पास 6 सीटें हैं। अब सारा दारोमदार आरक्षण की लॉटरी और पर्दे के पीछे होने वाले गठबंधनों पर टिका है।

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