Datiya News: दतिया शहर के झिरका बाग इलाके में गत बुधवार की रात एक सरफिरे युवक ने श्मशान घाट पहुंचकर जलती चिता के साथ न केवल छेड़छाड़ की, बल्कि चिता की खोपड़ी और अस्थियां भी अपने साथ पालीथिन में भरकर ले गया। सुबह जब मृतक के स्वजन अस्थि व राख समेटने वहां पहुंचे तो मामले का खुलासा हुआ। समाज के कुछ लोगों ने बताया कि एक युवक रात के समय श्मशान घाट की ओर जाते हुए देखा था। इसी शंका के आधार पर जब आक्रोशित लोग उक्त युवक के घर पहुंचे तो उसने इस बात को स्वीकार किया। जानकारी के अनुसार झिरका बाग निवासी 70 वर्षीय मूलचंद्र कुशवाहा का बुधवार शाम निधन हो गया था। स्वजन द्वारा उसी दिन श्मशान घाट पर विधिवत अंतिम संस्कार किया गया। रात करीब 11 बजे मोहल्ले का ही रहने वाला बल्ली कुशवाहा पुत्र तुलसी कुशवाहा, श्मशान घाट पहुंचा। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार बल्ली ने जलती चिता को बिखेर दिया और वहां की राख को ठंडा कर अपने पूरे शरीर पर मल लिया। इसके बाद युवक, चिता की खोपड़ी और अस्थियों को पालीथिन में भरकर अपने घर ले गया।
Datiya News: दतिया शहर के झिरका बाग इलाके में गत बुधवार की रात एक सरफिरे युवक ने श्मशान घाट पहुंचकर जलती चिता के साथ न केवल छेड़छाड़ की, बल्कि चिता की खोपड़ी और अस्थियां भी अपने साथ पालीथिन में भरकर ले गया। सुबह जब मृतक के स्वजन अस्थि व राख समेटने वहां पहुंचे तो मामले का खुलासा हुआ। समाज के कुछ लोगों ने बताया कि एक युवक रात के समय श्मशान घाट की ओर जाते हुए देखा था। इसी शंका के आधार पर जब आक्रोशित लोग उक्त युवक के घर पहुंचे तो उसने इस बात को स्वीकार किया। जानकारी के अनुसार झिरका बाग निवासी 70 वर्षीय मूलचंद्र कुशवाहा का बुधवार शाम निधन हो गया था। स्वजन द्वारा उसी दिन श्मशान घाट पर विधिवत अंतिम संस्कार किया गया। रात करीब 11 बजे मोहल्ले का ही रहने वाला बल्ली कुशवाहा पुत्र तुलसी कुशवाहा, श्मशान घाट पहुंचा। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार बल्ली ने जलती चिता को बिखेर दिया और वहां की राख को ठंडा कर अपने पूरे शरीर पर मल लिया। इसके बाद युवक, चिता की खोपड़ी और अस्थियों को पालीथिन में भरकर अपने घर ले गया।






