

Bhandara MOIL Mine: भंडारा जिले के तुमसर तहसील के जनप्रतिनिधियों की अकार्य क्षमता के कारण तहसील में अब तक नई खदान शुरू नहीं होने से युवाओं में रोष व्याप्त है। इससे उन्हें रोजगार के लिए भटकना पड़ रहा है। इस कारण क्षेत्र के तीनों सांसदों द्वारा क्षेत्र के गारकाभोंगा, आसलपानी, कारली, मोठागांव में मॉयल की नई खदानें शुरु कर क्षेत्र के सुशिक्षित बेरोजगारों को रोजगार उपलब्ध कराने के लिए पहल करने की मांग की जा रही है। इस बारे में मॉयल प्रशासन से सबंधित स्थानों के निरीक्षण करने निर्देश देने की आवश्यकता है।
जिले के साथ ही तहसील में बेरोजगारी त्रासदी बन चुकी है, इससे निजात पाने सरकार के सामने बड़ी चुनौती है इस कारण क्षेत्र में नई माइन्स शुरु कर राहत दिलाई जा सकती है। साथ ही क्षेत्र में स्वास्थ्य सुविधा उपलब्ध कराने, बाधित किसानों की भूमि अधिग्रहित करने, ओपन कास्ट के स्थान पर अंडरग्राऊंड माइंस शुरु करने, खस्ता हाल सड़को का निर्माण कार्य करने करने की मांग की जा रही है। तहसील के गारकाभोंगा, आसलपानी, मोठागांव, कारली आदि गांवों भरपूर मात्रा में मैंगनीज उपलब्ध है।
वर्तमान में तहसील के डोंगरी एवं चिखला माईन से निकलने वाले मटेरियल से दुर्ग से लेकर रायपुर एवं मप्र में अनेक कंपनियां चलाई जा रही है, लेकिन क्षेत्र में 4 दशकों एक भी कंपनी की नींव नहीं रखी गई है। साथ ही लगातार अकाल पड़ने, सिंचाई की कमी, बिजली की लोडशेडिंग, जंगली जानवरों के कारण फसलों का नुकसान आदि के कारण से किसानों के लिए खेती का व्यवसाय करना टेढ़ी खीर साबित हो गया है। रोजगार देने के लिए नई खदानें जरूरी है।
राकांपा (अजीत पवार) पदाधिकारी डॉ. सचिन बावनकर ने कहा कि, क्षेत्र में जिस स्थान पर मैगनीज का स्टॉक है, वह भुमि वनविभाग की होने से इसके लिए केंद्र सरकार के वन विभाग की अनुमति लेकर कार्रवाई पूर्ण करना चाहिए। इससे जिले के साथ ही तहसील के हजारों लोगों के हाथों को प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रुपसे रोजगार प्राप्त हो सकता है।