

IFS Satyanjal Pandey Takes Charge Of Indian High Commission In Pakistan: भारत के एक बेहद ही काबिल अधिकारी डॉ. सत्यांजल पांडेय ने इस्लामाबाद में भारतीय उच्चायोग का अहम चार्ज संभाल लिया है। उन्होंने शनिवार को वाघा-अटारी बॉर्डर के रास्ते से पड़ोसी देश पाकिस्तान में अपना आधिकारिक प्रवेश किया था। वॉशिंगटन स्थित एक पाकिस्तानी पत्रकार फैसल अली शाह ने सबसे पहले सोशल मीडिया पर दुनिया को यह अहम जानकारी दी है।
पांडेय ने इस्लामाबाद में भारतीय उच्चायोग की पूर्व कार्यवाहक प्रमुख गीतिका श्रीवास्तव की जगह ली है, जो अपना कार्यकाल पूरा कर चुकी हैं। गीतिका श्रीवास्तव पूरे पाकिस्तान में भारतीय उच्चायोग की प्रमुख बनने वाली भारत की पहली महिला राजनयिक अधिकारी थीं। वे शनिवार को ही अटारी-वाघा बॉर्डर के जरिए सफलतापूर्वक वापस अपने देश भारत लौट आई हैं और अपना अहम चार्ज सौंप दिया है।
डॉ. सत्यांजल पांडेय ने पाकिस्तान में भारतीय उच्चायोग की यह अहम जिम्मेदारी एक ऐसे संवेदनशील समय में पूरी तरह संभाली है। इस समय नई दिल्ली और इस्लामाबाद के बीच द्विपक्षीय राजनयिक संबंध बहुत ही ज्यादा खराब और तनावपूर्ण चल रहे हैं। साल 2019 में राजनयिक संबंधों का स्तर कम किए जाने के बाद से भारत ने पाकिस्तान में कोई भी उच्चायुक्त नियुक्त नहीं किया है।
अगस्त 2019 में भारत सरकार ने ऐतिहासिक कदम उठाते हुए जम्मू-कश्मीर का विशेष दर्जा अनुच्छेद 370 हटाकर पूरी तरह खत्म कर दिया था। इसके तुरंत बाद ही बौखलाए पाकिस्तान ने भारत के साथ अपने सभी मुख्य राजनयिक संबंधों को बहुत ज्यादा घटा दिया था। तब से ही भारत ने पाकिस्तान में अपना राजनयिक मिशन केवल कार्यवाहक प्रमुख या चार्ज डी अफेयर्स के कुशल नेतृत्व में चलाया है।
डॉ. सत्यांजल पांडेय मुख्य रूप से साल 2008 बैच के एक बेहद ही होनहार और तेजतर्रार भारतीय विदेश सेवा (IFS) के अधिकारी हैं। पाकिस्तान जाने से ठीक पहले वह पड़ोसी देश श्रीलंका में भारत के उप-उच्चायुक्त के बेहद ही अहम पद पर काम कर रहे थे। पिछले कई वर्षों में उन्होंने विदेश मंत्रालय और विदेशों में स्थित भारतीय मिशनों में लगातार कई बड़े और अहम पदों पर शानदार काम किया है।
उनके करियर का यह पूरा सफर बहुत ही अनोखा रहा है क्योंकि उन्होंने अपनी शुरुआत मेडिकल के एक बहुत ही अलग क्षेत्र से की थी। पांडेय ने अपनी शुरुआती स्कूली शिक्षा आगरा के जाने-माने सेंट पीटर्स कॉलेज से बहुत ही अच्छे तरीके से पूरी की है। इसके बाद उन्होंने लखनऊ के प्रतिष्ठित किंग जॉर्ज मेडिकल कॉलेज से अपनी मेडिकल की पढ़ाई करके एमबीबीएस की डिग्री हासिल की थी।
सिविल सर्विस की दुनिया में आने से पहले उन्होंने 2006 से 2007 के दौरान दिल्ली के एक बड़े अस्पताल में भी काम किया था। उन्होंने दिल्ली के गुरु गोविंद सिंह अस्पताल में एक रेजिडेंट डॉक्टर के तौर पर मरीजों की बहुत ही अच्छी सेवा की थी। बाद में उन्होंने UPSC की सिविल सर्विस परीक्षा पास की और साल 2008 में भारतीय विदेश सेवा को पूरी तरह से जॉइन कर लिया।