छत्रपति संभाजीनगर में बनेगी महाराष्ट्र की पहली विरासत संरक्षण लैब, मराठवाड़ा के इतिहास को मिलेगा नया जीवन!

Heritage Conservation Lab: छत्रपति संभाजीनगर मनपा और INTACH के बीच समझौता। महाराष्ट्र में बनेगी पहली विरासत संरक्षण प्रयोगशाला, मराठवाड़ा की प्राचीन पांडुलिपियों को मिलेगा नया जीवन।
Chhatrapati Sambhajinagar Municipal Corp
छत्रपति संभाजीनगर महानगरपालिका (सौ. फाइल फोटो )
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Chhatrapati Sambhajinagar Municipal Corporation: महाराष्ट्र की छत्रपति संभाजीनगर महानगरपालिका और भारतीय राष्ट्रीय कला एवं सांस्कृतिक विरासत ट्रस्ट (आईएनटीएसीएच) ने क्षेत्र की सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण को लेकर एक प्रयोगशाला स्थापित करने के लिए समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए। अधिकारियों ने यह जानकारी दी।

महाराष्ट्र के मराठवाड़ा में हजारों ऐतिहासिक कलाकृतियां, चित्रकारी और प्राचीन पांडुलिपियां मौजूद हैं लेकिन क्षेत्र में वैज्ञानिक संरक्षण सुविधाओं की कमी के कारण इनका अस्तित्व लंबे समय से खतरे में है। एक विज्ञप्ति के मुताबिक, इस कमी को पहचानते हुए महानगरपालिका और ट्रस्ट ने क्षेत्र की सांस्कृतिक विरासत के जीर्णोद्धार व संरक्षण के लिए एक पेशेवर समाधान प्रदान करने के लिए साझेदारी की है।

महाराष्ट्र की पहली प्रयोगशाला

भारत भर में ट्रस्ट द्वारा संचालित पांच संरक्षण प्रयोगशालाओं में से छत्रपति शिवाजी महाराज संग्रहालय परिसर में बनने वाली यह नई सुविधा महाराष्ट्र में अपनी तरह की पहली ऐसी प्रयोगशाला होगी। पिछले सप्ताह हुई एक उच्च स्तरीय बैठक के बाद समझौते को अंतिम रूप दिया गया, जिसमें प्रयोगशाला की रूपरेखा, संचालन प्रक्रिया और भविष्य की योजनाओं पर चर्चा की गई।

एक विज्ञप्ति के मुताबिक, नगर आयुक्त और प्रशासक जी. श्रीकांत और ट्रस्ट की स्थानीय शाखा की संयोजक माया वैद्य ने शनिवार को समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए। श्रीकांत ने बताया कि यह प्रयोगशाला न केवल शहर बल्कि पूरे क्षेत्र की सेवा करेगी।

मराठवाड़ा के विरासत संरक्षण का केंद्र

उन्होंने बताया, "राज्य में हमारी एकमात्र महानगरपालिका है, जो एक ऐतिहासिक संग्रहालय का प्रबंधन करती है। यह प्रयोगशाला न केवल शहर बल्कि पूरे मराठवाड़ा क्षेत्र के लिए विरासत संरक्षण का केंद्र बनेगी।"

विज्ञप्ति में बताया गया कि स्थानीय स्तर पर कलाकृतियों, मूर्तियों और दस्तावेजों के वैज्ञानिक संरक्षण की क्षमता एक क्रांतिकारी बदलाव लाएगी। वैद्य ने कहा कि ट्रस्ट के विशेषज्ञों के मार्गदर्शन में जनता भी अपने निजी संग्रहों और ऐतिहासिक दस्तावेजों के संरक्षण के लिए इन सेवाओं का लाभ उठा सकेगी।

(एजेंसी इनपुट के साथ)

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