
कलमना मंडी बंद (सौजन्य-नवभारत)
Vegetable Market Strike: कृषि उपज बाजार समिति नागपुर में प्रशासनिक मनमानी का आरोप लगाते हुए जय किसान व्यापारी वेलफेयर एसोसिएशन ने कलमना सब्जी बाजार को अनिश्चितकाल तक के लिए बंद करने का ऐलान किया था, लेकिन शनिवार के लिए आढ़तियों ने सब्जियों की गाड़ियां बुला ली थीं।
सब्जी से लदीं गाड़ियों के रात में आना शुरू होने के बाद आंदोलनकारी आढ़तियों ने उन्हें एपीएमसी के गेट के बाहर ही रोक दिया। अंदर नहीं आने देने की वजह से मार्केट के बाहर वाहनों की लंबी कतार लग गई। पुरानी दुकानों में सब्जी की गाड़ियां ले जाने को लेकर युवा आढ़तिया सब्जी एसोसिएशन और जय किसान व्यापारी वेलफेयर एसोसिएशन के लोग आमने-सामने आ गए।
दोनों संगठनों के बीच विवाद हुआ। एक संगठन दुकान लगाने और एक बंद रखने पर अड़ा रहा। विवाद बढ़ता देख कलमना पुलिस ने मध्यस्थता करते हुए सब्जी की गाड़ियां नए मार्केट में ले जाने के निर्देश दिए।
जानकारी के अनुसार पुलिस के निर्देश के बाद गाड़ियां नये मार्केट की दुकानों की ओर ले जाई गईं, जहां पर उन्हें अनलोड किया गया। इस दौरान करीब 60 से ऊपर गाड़ियां आईं। पुराना मार्केट बंद देख ग्राहकों ने नये मार्केट की दुकानों की ओर रुख किया। हड़ताल के बीच शनिवार को जय किसान वेलफेयर और बाजार समिति के उपसभापति प्रकाश नागपुरे के बीच वार्ता हुई।
इसमें 4 एकड़ में ओपन मार्केट बनाने का आश्वासन दिया गया, जिसके लिए किसी भी तरह का किराया नहीं लिया जाएगा। जय किसान वेलफेयर एसोसिएशन के विनोद लोखंडे ने बताया कि उपसभापति ने लिखित में किसी भी तरह का आश्वासन नहीं दिया है। सोमवार को उनके साथ फिर बातचीत होगी।
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लोखंडे ने बताया कि हड़ताल के कारण किसान भाइयों के साथ ही मंडी में काम करने वाले मजदूर वर्ग का भी काफी नुकसान हो रहा है। नए मार्केट में दुकानें खरीदने वाले बहुत से आढ़तियों ने अपनी दुकानें बाजार समिति को वापस लौटा दी हैं। जिन आढ़तियों ने दुकानें नहीं लौटाई हैं, उन्हें पुराने मार्केट में व्यापार नहीं करने दिया जाएगा।
कलमना सब्जी बाजार बंद होने के कारण कई किसान अपने माल के साथ महात्मा फुले मार्केट पहुंचे। मार्केट में शनिवार को भी सब्जियों के भाव ऊंचे बोले गये। व्यापारियों ने कलमना मार्केट बंद होने का फायदा जमकर उठाया। इस चक्कर में लोगों को महंगी सब्जियां खरीदनी पड़ीं।






