बदलापुर कांड के बाद बड़ा फैसला, प्री-स्कूल सरकारी नियंत्रण में; ट्रांसपोर्ट व सुरक्षा नियम अनिवार्य

Nashik Pre-School Rules: बदलापुर की घटना के बाद राज्य सरकार ने सभी प्री-स्कूल व प्ले स्कूलों को सरकारी नियंत्रण में लाने का फैसला किया है। अब सख्त सुरक्षा व ट्रांसपोर्ट नियम लागू होंगे।
Following the Badlapur incident, a major decision has been taken: pre-schools will be brought under government control; transport and safety regulations will be mandatory
प्रतीकात्मक तस्वीर ( सोर्स: सोशल मीडिया )
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Nashik Child Protection: नासिक बदलापुर में एक वैन ड्राइवर द्वारा चार साल के बच्चे पर किए गए बेरहमी भरे अत्याचार के बाद पूरे राज्य में गुस्से की लहर दौड़ गई है। इसी पृष्ठभूमि में राज्य सरकार ने प्री-प्राइमरी एजुकेशन सिस्टम को लेकर सख्त कदम उठाने का फैसला किया है, और गृह और स्कूल शिक्षा राज्य मंत्री ने राज्य के सभी प्री-स्कूल और प्ले स्कूलों को सरकार के अधिकार क्षेत्र में लाने की घोषणा की है। इस फैसले से गलत कामों पर रोक लगाने में मदद मिलेगी।

सरकार के नए रुख के अनुसार, प्री-स्कूलों के लिए साफ नियम, बुनियादी सुविधाएं, ट्रेंड मैनपावर और सुरक्षित ट्रांसपोर्ट सिस्टम अनिवार्य किया जाएगा। इससे पहली बार प्री-स्कूल सेक्टर पर सरकारी कंट्रोल आएगा, और माता-पिता को भी राहत मिलेगी।

एहतियात के तौर पर, स्कूल बसों में एक महिला अटेंडेंट रखना जरूरी है, लेकिन, ज्यादातर स्कूल, खासकर ग्रामीण इलाकों में, ऐसे नियमों का पालन करने में लापरवाही पाए गए हैं। खास तौर पर, यह देखा गया कि बच्चों को स्कूल बसों में सुरक्षित ले जाने के बजाय रिक्शा में ले जाया जा रहा था।

लोकल एडमिनिस्ट्रेशन भी इस तरह की चीजों पर ध्यान नहीं दे रहा है, नए फैसले के मुताबिक, सभी प्री-स्कूल एजुकेशन डिपार्टमेंट के कंट्रोल में उड जाएंगे, और नियमों का पालन न करने वालों पर कार्रवाई की जाएगी। कुछ जगहों पर गलत काम की घटनाएं सामने आने के बाद कदम उठाए गए। छोटे बच्चों को पार्किंग लॉट और कभी-कभी फ्लैट में रखा जा रहा है।

कुछ जगहों पर, खासकर ग्रामीण इलाकों में, घर की छत पर भी प्ले स्कूत शुरू किए जा रहे है। नासिक जिले में शहर और ग्रामीण इलाकों में कुछ जगाहों पर बिना किसी ऑफिशियल परमिशन के बड़ी संख्या में प्री-स्कूल शुरू किए जा रहे हैं।

असलियत यह है कि बिलबोर्ड लगाकर एजुकेशन के नाम पर बिजनेस चलाएं जा रहे हैं। जिले में कई प्री-स्कूल न तो एजुकेशन डिपार्टमेंट में रजिस्टर्ड है, न ही उनमें फायर, हेल्या या सैनिटेशन की सुविधाएं है।

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