नासिक में फर्जी यूडीआईडी पर सख्ती, एसटी बस में ऑन द स्पॉट जांच; फर्जी कार्ड जब्त होंगे

Nashik UDID Verification: नासिक में फर्जी यूडीआईडी कार्ड से एसटी छूट लेने वालों पर सख्त कार्रवाई होगी। बसों में ही ऑन द स्पॉट वेरिफिकेशन कर केस दर्ज किए जाएंगे।
Strict action against fake UDID cards in Nashik; on-the-spot checks on ST buses; fake cards will be confiscated.
प्रतीकात्मक तस्वीर ( सोर्स: सोशल मीडिया )
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Nashik ST Bus Fake Disability: नासिक फर्जी दिव्यांग पहचान पत्र (यूडीआईडी) का इस्तेमाल करके एसटी में छूट का फायदा उठाने वाले यात्रियों का वेरिफिकेशन किया जाएगा। सभी एसटी कंडक्टर, सुपरवाइजर और इंस्पेक्शन स्टाफ के मोबाइल में यूडीआईडी ऐप डाउनलोड किया जाएगा और हर दिव्यांग यात्री का वेरिफिकेशन किया जाएगा।

मौके पर ही सीधे केस रजिस्टर किया जाएगा और फर्जी आईडी कार्ड जब्त कर लिया जाएगा। फर्जी आईडी कार्ड से जुड़ी बढ़ती शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए, प्रशासन ने 'ऑन द स्पॉट' इंस्पेक्शन कैंपेन चलाने का फैसला किया है। राज्य सरकार और एसटी कॉर्पोरेशन दिव्यांग यात्रियों को टिकट की कीमतों पर भारी डिस्काउंट देते हैं।

हालांकि, यह बात सामने आई है कि कुछ लोग जेरॉक्स, फर्जी QR कोड या फर्जी डॉक्यूमेंट्स के आधार पर UDID कार्ड हासिल करके इस सुविधा का फायदा उठा रहे हैं।

दिव्यांग यात्रियों को मिलने वाली यात्रा रियायतों का गलत इस्तेमाल रोकने के लिए, ST कॉर्पोरेशन ने नकली सर्टिफिकेट/पहचान पत्र इस्तेमाल करनेवालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई शुरू की है और अब बसों में ही यूनिक डिसेबिलिटी IID कार्ड का जरूरी वेरिफिकेशन किया जा रहा है।

नकली पहचान पत्र जब्त कर की जाएगी सख्त कार्रवाई

मामला भी दर्ज किया जाएगा और नकली पहचान पत्र जब्त कर लिया जाएगा, इससे एसटी कॉधरिशन को होने वाले आर्थिक नुकसान से बचा जा सकेगा। पहले राज्य में कुछ जगहों पर यह बात सामने आई थी कि दिव्यांग सर्टिफिकेट बनवाने वाले कुछ महाभास एसटी में काम कर रहे हैं। ऐसा शक है कि कुछ कर्मचारी एसटी कर्मचारी होते हुए भी सर्टिफिकेट बनवाने में एक्टिव है।

दिव्यांग यात्रियों को महाराष्ट्र स्टेट रोड ट्रांसपोर्ट कॉर्पोरेशन की बसों में किराए में बड़ी छूट मिलती है, दिव्यांग लोगों (40 परसेंट से अधिक दिव्यांग) को आम तौर पर एसटी की साधारण और आरामदायक बसों में 75 परसेंट की छूट मिलती है, कुछ बीमारियों वाले मरीजों के लिए भी मुफ्त यात्रा की सुविधा है। उनके साथ आने वाले मददनीस को भी 50 परसेंट की छूट मिलती है।

दिव्यांग यात्रियों का वेरिफिकेशन जरूरी

यह वेरिफिकेशन पूरे राज्य के डिपो में और यात्रा के दौरान भी किया जाएगा। एसटी के सभी कंडक्टर, सुपरवाइजर और इंस्पेक्शन स्टापा के मोबाइल फॉन पर यूडीआईडी पंप डाउनलोड किया जाएगा और हर दिव्यांग यात्री का वेरिफिकेशन किया जाएगा,

छूट लेने वालों की हो रही जांच

जिले के एसटी में नकली दिव्यांग पहचान पत्र (UDID) का इस्तेमाल करके एसटी महामंडल बसों में छूट लेने वाले यात्रियों की जांच की जा रही है, ऐसे निर्देश कंडक्टरों को दिए गए है, और अगर कोई नकली सर्टिफिकेट जारी करने में मदद करता है, तो उसके खिलाफ भी केस दर्ज किया जाएगा।

- एसटी महामंडल, विभागीय नियंत्रक, सचिन क्षीरसागर

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