
महामेट्रो और केयर हॉस्पिटल से समझौता (सौजन्य-एक्स)
Maharashtra New Industrial Policies: महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने शनिवार को कहा कि महाराष्ट्र देश का आर्थिक पावरहाउस है और इसमें विदर्भ क्षेत्र सबसे तेजी से विकसित होने वाला हिस्सा बनकर उभर रहा है।
वे एसोसिएशन फॉर इंडस्ट्रियल डेवलपमेंट (एआईडी) द्वारा आयोजित ‘एडवांटेज विदर्भ-सांसद औद्योगिक महोत्सव‘ के दूसरे दिन इंटरनेशनल बिजनेस कॉन्क्लेव के उद्घाटन अवसर पर बोल रहे थे। इस अवसर पर केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी सहित 20 से अधिक देशों के राजदूत, उच्चायुक्त और वाणिज्यिक प्रतिनिधि उपस्थित थे।
औद्योगिक हब के रूप में महाराष्ट्र: महाराष्ट्र लॉजिस्टिक्स, एआई और सौर ऊर्जा क्षेत्र में देश का नेतृत्व कर रहा है। देश में आने वाले कुल विदेशी निवेश में राज्य की हिस्सेदारी सर्वाधिक है।
7 नई पॉलिसियों का ऐलान: अगले दो-तीन महीनों में राज्य सरकार सात नई औद्योगिक नीतियां लाएगी। इनमें टेक्सटाइल और अपैरल नीति, लेदर और फुटवियर नीति, इलेक्ट्रॉनिक्स और फैब नीति, एयरोस्पेस और डिफेंस नीति, एमएसएमई नीति, फार्मास्युटिकल और बायोटेक नीति, सर्कुलर इकोनॉमी बायो-प्लास्टिक नीति का समावेश है।
हकीकत में बदलते समझौते: देवेंद्र फडणवीस ने जोर दिया कि महाराष्ट्र में होने वाले निवेश समझौते केवल कागजों तक सीमित नहीं रहते, बल्कि वे धरातल पर उतर रहे हैं।
मुख्यमंत्री के आर्थिक सलाहकार कौस्तुभ धवसे के अनुसार महोत्सव के दूसरे दिन कुल 10,831 करोड़ रुपये के तीन महत्वपूर्ण निवेश समझौतों पर हस्ताक्षर किए गए।
गैलेक्सी सोलर कंपनी: 10,000 करोड़ का निवेश (सोलर सेल और बैटरी स्टोरेज सिस्टम)।
महामेट्रो और केयर हॉस्पिटल: 631 करोड़ (इन्फ्रास्ट्रक्चर और अस्पताल निर्माण)।
जीआर इंफ्रास्ट्रक्चर: 200 करोड़ (टेलीकॉम टावर निर्माण)।
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ग्लोबल इंडिया बिजनेस फोरम के अध्यक्ष जितेंद्र जोशी ने बताया कि फोरम ने 150 देशों के साथ करार किया है, जिसका सीधा लाभ विदर्भ के छोटे और मध्यम उद्योगों को अपना व्यापार वैश्विक स्तर पर ले जाने में मिलेगा। कार्यक्रम में चीन, रूस, ब्राजील, नाइजीरिया और केन्या जैसे देशों के प्रतिनिधियों की मौजूदगी ने नागपुर और विदर्भ की बढ़ती वैश्विक साख को रेखांकित किया।






