

National Opera Day History: ओपेरा केवल संगीत नहीं बल्कि मानवीय भावनाओं का एक भव्य प्रदर्शन है। हर साल 8 फरवरी को नेशनल ओपेरा डे के रूप में मनाया जाता है जो इस कला विधा के कलाकारों, संगीतकारों और प्रशंसकों को एक मंच पर लाता है। यह दिन हमें दुनिया के सबसे प्रतिष्ठित ओपेरा हाउसों के समृद्ध इतिहास की याद दिलाता है।
हर साल 8 फरवरी को दुनिया भर के कला प्रेमी नेशनल ओपेरा डे (National Opera Day) मनाते हैं। ओपेरा एक ऐसी कला विधा है जो गायन, अभिनय, वादन और भव्य वेशभूषा का अनूठा मेल पेश करती है। इस दिन का मुख्य उद्देश्य लोगों को ओपेरा की दुनिया से परिचित कराना और इसके सांस्कृतिक महत्व को समझना है।
इतालवी शब्द ओपेरा का अर्थ होता है कार्य या कृति। यह एक ऐसा नाटक होता है जिसे पूरी तरह गाकर प्रस्तुत किया जाता है। इसकी सबसे बड़ी खासियत यह है कि ओपेरा गायक बिना किसी माइक्रोफोन के अपनी आवाज से पूरे विशाल हॉल को गूंजने की क्षमता रखते हैं।
ओपेरा की शुरुआत 16वीं शताब्दी के अंत में इटली (फ्लोरेंस) में हुई थी। जैकोपो पेरी द्वारा 1598 के आसपास रचित डेफने को पहला ओपेरा माना जाता है। 1637 में वेनिस में पहला सार्वजनिक ओपेरा हाउस खुला जिसने इसे आम जनता के लिए सुलभ बना दिया। मोजार्ट, वर्डी और वैगनर जैसे महान संगीतकारों ने इस कला को नई ऊंचाइयों पर पहुंचाया।
नेशनल ओपेरा डे मनाने के पीछे कई मुख्य कारण सांस्कृतिक और ऐतिहासिक है। यह एक अद्भुत कला को सम्मान और पहचान देने का एक जरिया है।
सांस्कृतिक विरासत: ओपेरा हाउस केवल भवन नहीं, बल्कि स्थापत्य कला के उत्कृष्ट नमूने होते हैं। यह दिन उनकी वास्तुकला को भी सम्मानित करता है।
कलाकारों का सम्मान: ओपेरा गायकों (जिन्हें एरियास कहा जाता है) की ट्रेनिंग बहुत कठिन होती है। यह दिन उनकी मेहनत और प्रतिभा को सराहने का है।
जागरूकता: आज के डिजिटल युग में शास्त्रीय संगीत और लाइव थिएटर की ओर युवाओं का रुझान बढ़ाने के लिए यह दिन एक माध्यम का काम करता है।
अगर आप भी इस दिन को खास बनाना चाहते हैं तो आप किसी ओपेरा हाउस में लाइव शो देख सकते हैं मशहूर ओपेरा द मैरिज ऑफ फिगारो या ले मिजरेबल्स की रिकॉर्डिंग सुन सकते हैं या फिर इसके इतिहास के बारे में पढ़ सकते हैं। आज ओपेरा केवल यूरोप तक सीमित नहीं है बल्कि दुनिया भर में इसे एक सम्मानजनक और शाही कला के रूप में देखा जाता है।