
Abhijeet Bhattacharya vs AR Rahman (फोटो क्रेडिट-इंस्टाग्राम)
Abhijeet Bhattacharya On AR Rahman: मशहूर संगीतकार एआर रहमान के ‘सांप्रदायिकता’ वाले बयान पर छिड़ा विवाद थमने के बजाय और गहराता जा रहा है। अब इस बहस में मशहूर प्लेबैक सिंगर अभिजीत भट्टाचार्य भी कूद पड़े हैं। अभिजीत ने रहमान पर किसी राजनीतिक विचारधारा का नहीं, बल्कि संगीतकारों की रोजी-रोटी छीनने का एक बड़ा और गंभीर आरोप लगाया है। उनका कहना है कि आज फिल्म इंडस्ट्री के वायलिन वादक, फ्लूट वादक और अन्य म्यूजिशियंस अगर घर पर खाली बैठे हैं, तो उसके जिम्मेदार एआर रहमान ही हैं।
अभिजीत भट्टाचार्य ने एआर रहमान की कार्यशैली पर सवाल उठाते हुए कहा कि उन्होंने ही फिल्म इंडस्ट्री में ‘प्रोग्रामिंग’ और ‘लैपटॉप’ कल्चर को बढ़ावा दिया, जिससे असल में साज बजाने वाले कलाकारों की जरूरत खत्म हो गई। यह बयान ऐसे समय आया है जब रहमान पहले से ही बॉलीवुड में काम न मिलने को लेकर अपने ‘कम्युनल एंगल’ वाले बयान पर सफाई दे रहे हैं।
अभिजीत भट्टाचार्य ने एक पॉडकास्ट के दौरान बेहद कड़े शब्दों में अपनी बात रखी। उन्होंने कहा, “फिल्मों में जो म्यूजिशियन बजाते थे, आज वे खाली बैठे हैं। ज्यादातर के पास जॉब नहीं है और यह मिस्टर रहमान की वजह से है। उन्होंने ही सबको यह बताया कि म्यूजिशियन की कोई जरूरत नहीं है और सब कुछ लैपटॉप में मिल जाएगा।” अभिजीत का तर्क है कि पहले गानों में 50 से 100 वायलिन वादक एक साथ बैठकर धुनें बजाते थे, लेकिन रहमान ने इस पूरी परंपरा को बदलकर डिजिटल कर दिया।
अभिजीत ने आगे आरोप लगाया कि रहमान ने अपनी आर्थिक सफलता के लिए कलाकारों के समूह की बलि चढ़ा दी। उन्होंने कहा, “रहमान साहब ने बोल दिया कि जितना कमाएंगे सिर्फ मैं कमाऊंगा। म्यूजिशियंस की जरूरत नहीं है। अगर चेलो, कोरस या फ्लूट चाहिए, तो किसी एक को बुलाकर उसे डिजिटल प्रोग्रामिंग में ऐड कर दिया जाता है। इस तकनीक ने संगीत में नयापन तो दिया, लेकिन बेचारे म्यूजिशियन घर बैठ गए। आज बच्चा-बच्चा इसी तकनीक पर संगीत निकाल रहा है।”
यह पहली बार नहीं है जब अभिजीत ने रहमान पर निशाना साधा हो। उन्होंने पहले भी बताया था कि कैसे एआर रहमान के स्टूडियो में बड़े-बड़े पद्म पुरस्कार विजेता कलाकारों को घंटों बेंच पर बैठकर इंतजार करना पड़ता था। अभिजीत के अनुसार, रहमान अक्सर दो-तीन घंटों तक उनसे मिलने नहीं आते थे। गौरतलब है कि एआर रहमान ने हाल ही में बॉलीवुड में काम की कमी के लिए ‘पावर शिफ्ट’ और ‘सांप्रदायिक सोच’ को जिम्मेदार ठहराया था, जिस पर मनोज तिवारी और शान जैसे कलाकारों ने भी असहमति जताई है।






