
गुलाब के फायदे (सौ.सोशल मीडिया)
Rose Day 2026: आज रोज डे के साथ वैलेंटाइन वीक (Valentine’s Week) की शुरुआत हो गई है। लाल, गुलाबी और सफेद गुलाबों के साथ इज़हार-ए-मोहब्बत का सिलसिला शुरू हो चुका है, जो पूरे हफ्ते रिश्तों में मिठास घोलेगा।
रोज डे पर दिया जाने वाला गुलाब सिर्फ इज़हार-ए-मोहब्बत का प्रतीक नहीं, बल्कि सेहत के लिए भी किसी वरदान से कम नहीं। आयुर्वेद के अनुसार गुलाब और गुलकंद शरीर को ठंडक देने, पाचन सुधारने, तनाव कम करने और त्वचा निखारने में बेहद लाभकारी हैं।
आयुर्वेद के अनुसार गुलाब की तासीर ठंडी होती है, जो शरीर की अतिरिक्त गर्मी को संतुलित करने में मदद करती है। यह पित्त दोष को शांत करता है और मानसिक शांति प्रदान करता है। खासतौर पर देसी गुलाब की पंखुड़ियों से बना गुलकंद कई स्वास्थ्य समस्याओं में फायदेमंद माना जाता है।
आयुर्वेद एक्सपर्ट्स के अनुसार, गुलकंद में प्राकृतिक लैक्सेटिव गुण होते हैं, जो कब्ज की समस्या को दूर करने में मदद करते हैं। यह पेट की जलन, एसिडिटी और अल्सर जैसी समस्याओं में राहत देता है।
नियमित रूप से एक-दो चम्मच गुलकंद का सेवन करने से जठराग्नि संतुलित रहती है और पेट की गर्मी कम होती है। गर्मियों में नकसीर, मुंह के छाले और अत्यधिक प्यास जैसी समस्याओं में भी यह कारगर माना जाता है।
गुलाब के सात्विक गुण मन को शांत रखने में सहायक होते हैं। इसकी सुगंध तनाव, चिंता और अनिद्रा जैसी समस्याओं को कम करने में मदद करती है। गुलाब जल का उपयोग आंखों की जलन और थकान में भी राहत देता है।
गुलाब की पंखुड़ियों को पीसकर उसमें हल्दी और दूध मिलाकर फेस पैक तैयार किया जा सकता है। यह त्वचा के दाग-धब्बे, मुंहासे और एलर्जी को कम करने में सहायक है। गुलाब जल प्राकृतिक टोनर की तरह काम करता है, जिससे त्वचा ताजगी और चमक बनाए रखती है।
गुलाब का तेल अरोमाथेरेपी में उपयोग किया जाता है। गर्म पानी में इसकी कुछ बूंदें डालकर भाप लेने से सिरदर्द और तनाव में राहत मिल सकती है।
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गुलकंद को महिलाओं के लिए खास तौर पर उपयोगी माना गया है। यह पीरियड्स की अनियमितता, अधिक रक्तस्राव और पित्त संबंधी परेशानियों को कम करने में सहायक हो सकता है। गर्भावस्था के दौरान होने वाली पेट की जलन में भी सीमित मात्रा में गुलकंद लाभकारी माना जाता है (डॉक्टर की सलाह आवश्यक है)।
इस तरह रोज डे पर दिया जाने वाला गुलाब केवल प्रेम का प्रतीक नहीं, बल्कि स्वास्थ्य और सुकून का संदेश भी देता है। हालांकि किसी भी घरेलू उपाय को अपनाने से पहले विशेषज्ञ या चिकित्सक की सलाह लेना बेहतर होता है।






