'जी राम जी' मनरेगा से बेहतर? पुराने कानून में खामियां..1100 से अधिक नेताओं के साथ BJP की मैराथन बैठक

VB-G RAM G Vs MGNREGA: ग्रामीण रोजगार गारंटी से जुड़े G-राम-जी कानून को लेकर बीजेपी ने देशभर में बड़ा राजनीतिक और संगठनात्मक अभियान छेड़ने का फैसला किया है।
Bharatiya Janata Party launch nationwide campaign support G Ram Ji law
नितिन नबीन, जेपी नड्डा (Image- Social Media)
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BJP Meeting on VB-G RAM G:  बीजेपी ने G-राम-जी विधेयक को लेकर संगठन और सरकार के स्तर पर पूरी तैयारी कर ली है। शनिवार को बीजेपी अध्यक्ष जेपी नड्डा, कार्यकारी अध्यक्ष नितिन नबीन और केंद्रीय कृषि व ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने इस कानून पर दो दौर की महत्वपूर्ण बैठकें कीं। इन बैठकों में मुख्यमंत्री, प्रदेश बीजेपी अध्यक्ष, सांसद, विधायक, विधान परिषद सदस्य और प्रमुख पदाधिकारी समेत देशभर से 1,100 से अधिक नेताओं ने हिस्सा लिया।

बीजेपी नेतृत्व ने स्पष्ट किया है कि G-राम-जी कानून को लेकर पार्टी सिर्फ संसद तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि इसे जमीन तक पहुंचाया जाएगा। बैठकों में यह तय किया गया कि पार्टी कार्यकर्ता बूथ स्तर पर जाकर जनता और श्रमिकों को इस कानून के लाभ बताएंगे।

विपक्ष के नैरेटिव को खत्म करेगी भाजपा

केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने बैठक में G-राम-जी कानून पर विस्तृत प्रेजेंटेशन दिया। उन्होंने कानून के प्रावधानों, बदलावों और इसके प्रमुख फायदों को विस्तार से समझाया। शिवराज ने जोर देकर कहा कि इस कानून का संदेश जमीनी स्तर तक पहुंचना चाहिए और जनता को यह स्पष्ट रूप से समझना चाहिए कि यह कानून श्रमिकों के हित में है और जवाबदेही को मजबूत करता है। जेपी नड्डा और नितिन नबीन ने भी G-राम-जी कानून के महत्व पर चर्चा की। दोनों नेताओं ने इसे श्रमिक कल्याण की दिशा में एक बड़ा कदम बताया। नितिन नबीन ने कहा कि इस अभियान की विस्तृत कार्ययोजना एक-दो दिन में तैयार कर सभी के साथ साझा कर दी जाएगी। बैठक में यह भी तय हुआ कि देशभर में प्रदेश संगठन स्तर पर इसी तरह की बैठकें होंगी। इन बैठकों का मकसद पार्टी नेताओं और कार्यकर्ताओं को तथ्यों के साथ जनता के बीच भेजना और विपक्ष के नैरेटिव का प्रभावी तरीके से काउंटर करना होगा। बीजेपी नेतृत्व ने विशेष रूप से जोर दिया कि ग्रामीण इलाकों में यह संदेश प्रभावी तरीके से पहुंचाना चाहिए कि G-राम-जी कानून श्रमिकों के हित में है। नेताओं से कहा गया है कि वे बूथ स्तर से ही जागरूकता फैलाने में सक्रिय भूमिका निभाएं।

मनरेगा कानून की कमियां गिनाएगी भाजपा

बीजेपी कार्यकर्ता जनता को यह भी बताएंगे कि मौजूदा मनरेगा कानून में क्या कमियां थीं। पार्टी यह समझाएगी कि ग्रामीण रोजगार गारंटी के लिए नया कानून क्यों जरूरी था, नया कानून पुराने से कैसे बेहतर है, इसमें रोजगार के दिन कैसे बढ़ते हैं और निगरानी व जवाबदेही की व्यवस्था कैसे मजबूत की गई है।

आने वाले दिनों में पार्टी कई जनसंपर्क कार्यक्रमों को अंतिम रूप देगी, जिनमें प्रेस कॉन्फ्रेंस, नुक्कड़ सभाएं और घर-घर संपर्क जैसे गहन जमीनी अभियान शामिल होंगे। इनका पूरा रोडमैप पार्टी नेताओं के साथ साझा किया जाएगा। G-राम-जी कानून के कार्यान्वयन और प्रचार की निगरानी के लिए बीजेपी ने महासचिव अरुण सिंह के नेतृत्व में एक विशेष निगरानी टीम का गठन किया है।

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