चुनाव से पहले ममता ने चला ऐसा दांव...कि बंगाल से उखड़ जाएंगे BJP के पांव? TMC के काम आएगी भाजपाई टैक्टिक!

West Bengal Politics: पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने एक बड़ा सियासी दांव चलते हुए भारतीय जनता पार्टी के राज्यसभा सांसद अनंत महाराज को राज्य के सर्वोच्च सम्मान 'बंगा विभूषण' से नवाजा है।
mamata banerjee narendra modi and amit shah
कॉन्सेप्ट फोटो (डिजाइन)
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Mamata Banerjee: पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने एक बड़ा सियासी दांव चलते हुए भारतीय जनता पार्टी के राज्यसभा सांसद अनंत महाराज को राज्य के सर्वोच्च सम्मान 'बंगा विभूषण' से नवाजा है। राजनीतिक पंडितों का मानना है कि चुनाव से ठीक पहले लिया गया यह फैसला पूरी तरह से राजनीति से प्रेरित है और इसका सीधा मकसद उत्तर बंगाल के अहम मतदाताओं को साधना है।

सूत्रों के मुताबिक, ममता बनर्जी का यह कदम किसी के लिए बड़ा आश्चर्य नहीं है, क्योंकि वह पहले भी अनंत महाराज की तरफ दोस्ती का हाथ बढ़ा चुकी थीं। वह अलग-अलग मौकों पर उनके संपर्क में रही हैं। इस सम्मान के पीछे का असल कारण राजवंशी समुदाय के मतदाता हैं, जिनका आगामी विधानसभा चुनाव में बड़ा प्रभाव रहने वाला है।

ममता को फायदा पहुंचाएगा नया दांव?

पश्चिम बंगाल में राजवंशी समुदाय अनुसूचित जाति का प्रतिनिधित्व करता है और मुख्य रूप से उत्तरी बंगाल के कूच बिहार, जलपाईगुड़ी, दार्जिलिंग, मालदा और मुर्शिदाबाद जैसे जिलों में केंद्रित है। उत्तरी बंगाल में इस समुदाय की आबादी लगभग 30% है, जो कई विधानसभा क्षेत्रों के चुनाव परिणामों को पलटने की ताकत रखती है।

बड़े वोटबैंक को पाले में लाने की कोशिश

राज्यसभा सांसद अनंत महाराज इसी राजवंशी समुदाय से आते हैं और उनका अपने लोगों के बीच एक बड़ा जनाधार है। ममता बनर्जी ने उन्हें यह सम्मान देकर सीधे तौर पर इस बड़े वोट बैंक को टीएमसी के पाले में लाने की कोशिश की है, जिससे आगामी चुनावों में बीजेपी को तगड़ा नुकसान पहुंचाया जा सके।

15 से 26 सीटों पर पड़ेगा बड़ा प्रभाव!

उत्तर बंगाल में राजवंशी को एक बेहद महत्वपूर्ण 'स्विंग समुदाय' माना जाता है। न तो सत्ताधारी टीएमसी और न ही मुख्य विपक्षी दल बीजेपी अपनी सीटों की संख्या बरकरार रखने के लिए इस समुदाय की नाराजगी का जोखिम उठा सकती है। राज्य की करीब 15 से 26 विधानसभा सीटों पर राजवंशी समुदाय का सीधा और गहरा प्रभाव है, जहां उनकी मौजूदगी जीत-हार तय करती है।

ममता ने एक तीर से साध लिए दो निशाने

ऐसे में अनंत महाराज को 'बंगा विभूषण' से सम्मानित कर ममता बनर्जी ने एक तीर से दो निशाने साधे हैं। एक तरफ उन्होंने बीजेपी के अंदरूनी समीकरणों को चुनौती दी है, तो दूसरी तरफ राजवंशी समुदाय को यह संदेश दिया है कि तृणमूल कांग्रेस उनका और उनके नेताओं का पूरा सम्मान करती है।

बीजेपी ने 2024 में अपनाई थी यही टैक्टिक

आम तौर पर भारतीय जनता पार्टी ऐसी रणनीति अपनाती है। केंद्र की मोदी सरकार ने 2024 लोकसभा चुनाव से पहले लाल कृष्ण आडवाणी और एमएस स्वामीनाथन के साथ पूर्व कांग्रेस नेता पीवी नरसिम्हाराव, बिहार में कर्पूरी ठाकुर और उत्तर प्रदेश में चौधरी चरण सिंह को भारत रत्न देकर ऐसा ही दांव चला था।

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