नेपोटिज्म का शिकार हुए नेपो किड, लिस्ट में अध्ययन सुमन से लेकर तनुज विरवानी तक का नाम

बॉलीवुड में नेपोटिज्म का शिकार कई आउटसाइडर हुए हैं लेकिन क्या आप जानते हैं की ढेर सारे स्टार किड्स ऐसे हैं जो खुद भी नेपोटिज्म का शिकार हुए हैं। आइए जानते हैं वह कौन-कौन से कलाकार हैं? जिन्हे काम नहीं मिल रहा।
नेपोटिज्म का शिकार हुए नेपो किड, लिस्ट में अध्ययन सुमन से लेकर तनुज विरवानी तक का नाम
नेपोटिज्म का शिकार हुए स्टार किड्स, अध्ययन सुमन से यशवर्धन आहूजा तक का लिस्ट में नाम
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बॉलीवुड में नेपोटिज्म कोई नई बात नहीं है, कई आउटसाइडर्स बॉलीवुड में नेपोटिज्म होने का आरोप लगा चुके हैं। उन्होंने यह कहा कि नेपोटिज्म की वजह से उन्हें फिल्मों में काम नहीं मिलता। लेकिन क्या आप जानते हैं कि कई ऐसे नेपो किड्स (स्टार किड्स) हैं, जो खुद नेपोटिज्म का शिकार हुए हैं। इस लिस्ट में अध्ययन सुमन, तनुज विरवानी, वर्धन राजीव पुरी, फतेह रंधावा, यशवर्धन आहूजा जैसे संघर्ष कर रहे कलाकारों का नाम शामिल है।

बॉलीवुड में सिर्फ आउटसाइडर्स ही नहीं बल्कि स्टार किड्स भी नेपोटिज्म का शिकार हुए हैं, जिनमें से कुछ लोगों ने इसके खिलाफ खुलकर आवाज उठाई है, तो वहीं कुछ लोग अब भी इस विषय पर चुप्पी साधे हुए हैं।

अध्ययन सुमन

शेखर सुमन के बेटे अध्ययन सुमन 17 साल से फिल्म इंडस्ट्री का हिस्सा है, लेकिन उनका स्ट्रगल आज भी जारी है। संजय लीला भंसाली की सुपरहिट सीरीज हीरामंडी में वह नजर आए थे, लेकिन उसके बाद उन्हें एक भी बढ़िया फिल्म का ऑफर अब तक नहीं मिला है। अध्ययन सुमन ने बॉलीवुड बबल से बात करते हुए बताया, मुझे इस बात का दुख है कि मुझे संजय लीला भंसाली के साथ काम करने के बाद भी बढ़िया फिल्में नहीं मिली, मैं किसे दोष दूं, खुद को या इंडस्ट्री के लोगों को?

तनुज विरवानी

तनुज विरवानी बॉलीवुड एक्ट्रेस रति अग्निहोत्री और अनिल विरवानी के बेटे हैं। तनुज विरवानी इस समय ओटीटी प्लेटफार्म के प्रोजेक्ट की वजह से सुर्खियों में बने रहते हैं, लेकिन उन्हें भी नेपोटिज्म की वजह से बॉलीवुड में बढ़िया काम नहीं मिल पाया, हालांकि इसके लिए उन्होंने खुलकर कभी इसकी शिकायत नहीं की है।

फतेह रंधावा

बॉलीवुड के दिग्गज कलाकार और पहलवान दारा सिंह के पोते एक्टर विंदु दारा सिंह के बेटे फतेह रंधावा भी बॉलीवुड में एंट्री पाने के लिए संघर्ष कर रहे हैं। उनकी मां बॉलीवुड एक्ट्रेस फरहा खान हैं और मौसी तब्बू हैं। जिसके घर में माता-पिता, मौसी और दादा सभी एक्टर रहे हो, उस घर के फतेह रंधावा को बॉलीवुड में काम न मिल पाना बॉलीवुड में नेपोटिज्म तस्दीक करता है।

यशवर्धन आहूजा

गोविंदा के बेटे यशवर्धन आहूजा भी बॉलीवुड में एंट्री का प्रयास लंबे समय से कर रहे हैं, लेकिन उनके हाथ भी अभी कोई बड़ा प्रोजेक्ट नहीं लगा है। ऐसे में यह कहना गलत नहीं होगा कि स्टार किड होने के बावजूद यशवर्धन आहूजा पर कहीं ना कहीं नेपोटिज्म का असर पड़ रहा है।

वर्धन राजीव पुरी

अमरीश पुरी के पोते वर्धन राजीव पुरी भी काफी समय से बॉलीवुड में बड़ा प्रोजेक्ट हासिल करने का प्रयास कर रहे हैं। लेकिन इनके हाथ भी अब तक कोई बड़ा प्रोजेक्ट नहीं लगा है। आने वाले वक्त में हम बॉलीवुड की किसी फिल्म में अमरीश पुरी के पोते वर्धन राजीव पुरी को देख पाएंगे, इसकी उम्मीद अब धीरे-धीरे कम होने लगी है।

नेपोटिज्म को लेकर बॉलीवुड की गलियों में अक्सर बहस होती रहती है, लेकिन कुछ चुनिंदा स्टार किड्स ही ऐसे हैं जिन पर बॉलीवुड के नेपोटिज्म का असर नहीं पड़ा, वरना बॉलीवुड के नेपोटिज्म ने सिर्फ बाहरी कलाकारों को ही नहीं बल्कि स्टार किड्स को भी अपना निशाना बनाने में कोई कसर नहीं छोड़ी है।

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