

Meerut Agriculture University Shooting: मेरठ की सरदार वल्लभभाई पटेल कृषि विश्वविद्यालय में दिनदहाड़े जो हुआ, उसने यूपी की सरहानीय कानून व्यवस्था पर प्रश्न चिन्ह तो खड़ा किया है साथ ही अन्य पढ़ने वाले छात्रों को हिला दिया है। यहां गर्लफ्रेंड को लेकर हुए एक मामूली विवाद ने इतना भयानक रूप ले गया कि कैंपस के अंदर ही गोली चल गई। इस घटना ने न केवल छात्रों के बीच दहशत का माहौल पैदा की है, बल्कि विश्वविद्यालय की सुरक्षा व्यवस्था पर भी गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। पूरी घटना पास लगे एक सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गई है, जिसमें हमलावरों की बेखौफ हरकतें साफ नजर आ रही हैं।
पूरा मामला प्रेम प्रसंग से जुड़ा हुआ है। पीड़ित युवक, राजा, जो एक कबड्डी खिलाड़ी भी है, विश्वविद्यालय कैंटीन के पास अपनी गर्लफ्रेंड से बात कर रहा था। यह बात लड़की के एक्स-बॉयफ्रेंड देव को इतनी नागवार गुजरी कि वह अपने सात साथियों के साथ यूनिवर्सिटी कैंपस में घुस आया। अपनी एक्स-गर्लफ्रेंड को राजा के साथ बात करते देख देव और उसके दोस्त आग-बबूला हो गए और उन्होंने बिना कुछ सोचे-समझे राजा को घेरकर पीटना शुरू कर दिया। देखते ही देखते यह मारपीट एक खूनी संघर्ष में तब्दील हो गई।
राजा को दौड़ा-दौड़ाकर पीटने के दौरान ही देव के एक साथी ने अपने मौजे से अवैध तमंचा निकाला और सीधे राजा पर फायर कर दिया। गनीमत यह रही कि गोली राजा के बेहद करीब से गुजर गई और उसकी जान बाल-बाल बच गई। इस गोलीकांड से वहां मौजूद अन्य छात्र-छात्राओं में भगदड़ मच गई। जिस वक्त गोली चली, उस समय वहां से कई और छात्र भी गुजर रहे थे। शुक्र है कि यह गोली किसी और को भी नहीं लगी, वरना एक बड़ी और दुखद घटना घट सकती थी। यह वारदात विश्वविद्यालय में तैनात प्राइवेट गार्ड्स की मौजूदगी के बावजूद हुई।
घटना की सूचना मिलने के काफी देर बाद दौराला थाने की इंस्पेक्टर सुमन सिंह मौके पर पहुंचीं, जिससे पुलिस की कार्यशैली पर भी सवाल उठ रहे हैं। पीड़ित कबड्डी खिलाड़ी राजा की तहरीर पर पुलिस ने मुख्य आरोपी देव सहित छह हमलावरों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया है। मेरठ के एसपी सिटी आयुष विक्रम सिंह ने बताया कि हमलावरों की गिरफ्तारी के लिए दो टीमें गठित की गई हैं और लगातार दबिश दी जा रही है। इस घटना ने सबसे बड़ा सवाल यह खड़ा किया है कि आखिर हमलावर तमंचे के साथ विश्वविद्यालय के अंदर कैसे पहुंच गए और किसी को इसकी भनक तक क्यों नहीं लगी। इस गोलीकांड ने विश्वविद्यालय प्रशासन के सुरक्षा के दावों की पोल खोलकर रख दी है।