
विवेक ओबेरॉय (फोटो- सोशल मीडिया)
Vivek Oberoi Personality Rights: बॉलीवुड सेलेब्स के पर्सनैलिटी राइट्स को लेकर चल रही कानूनी लड़ाई में एक और नाम जुड़ गया है। अभिनेता विवेक ओबेरॉय को दिल्ली हाई कोर्ट से उनके व्यक्तित्व अधिकारों की सुरक्षा मिल गई है। कोर्ट के इस अहम आदेश के बाद अब विवेक ओबेरॉय के नाम, फोटो, वीडियो, आवाज या किसी भी तरह की पहचान का बिना अनुमति इस्तेमाल गैरकानूनी माना जाएगा और ऐसा करने वालों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।
बीते कुछ समय में सलमान खान, अमिताभ बच्चन, अजय देवगन, रजनीकांत, अनिल कपूर, ऐश्वर्या राय, अभिषेक बच्चन, ऋतिक रोशन और जैकी श्रॉफ जैसे कई बड़े सितारे अपने पर्सनैलिटी राइट्स की सुरक्षा के लिए कोर्ट का दरवाजा खटखटा चुके हैं। अब विवेक ओबेरॉय भी इस सूची में शामिल हो गए हैं, जिससे यह साफ हो गया है कि सेलेब्स अपने नाम और पहचान के गलत इस्तेमाल को लेकर किसी तरह की ढील नहीं देना चाहते।
अभिनेता की ओर से केस लड़ रहीं वरिष्ठ अधिवक्ता सना रईस खान ने बताया कि दिल्ली उच्च न्यायालय ने विवेक आनंद ओबेरॉय के व्यक्तित्व अधिकारों की रक्षा करते हुए एक निर्णायक आदेश पारित किया है। इस आदेश के तहत कोर्ट ने विवेक ओबेरॉय से जुड़ी उल्लंघनकारी सामग्री को तुरंत हटाने का निर्देश दिया है। साथ ही यह भी स्पष्ट किया गया है कि भविष्य में कोई भी व्यक्ति या संस्था अगर उनके व्यक्तित्व का गलत इस्तेमाल करती है, तो वह कानून के शिकंजे से नहीं बच पाएगी।
अधिवक्ता सना रईस खान के मुताबिक, विवेक ओबेरॉय न सिर्फ एक जाने-माने अभिनेता हैं, बल्कि एक सफल उद्यमी और बीते दो दशकों से समाजसेवा से जुड़े व्यक्ति भी हैं। इसके बावजूद उन्हें जानबूझकर निशाना बनाया गया। यह मामला केवल कानूनी उल्लंघन तक सीमित नहीं है, बल्कि उनके निजी जीवन और परिवार पर सीधा हमला है, जिसका गलत असर उनके बच्चों पर भी पड़ सकता है।
विवेक ओबेरॉय की ओर से दायर याचिका में बताया गया कि कई आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस कंपनियां और डिजिटल प्लेटफॉर्म्स बिना इजाजत उनके फोटो, वीडियो, आवाज और यहां तक कि ब्रांडिंग के लिए उनके नाम का इस्तेमाल कर रही थीं। अभिनेता की टीम ने कई बार इन साइट्स से कंटेंट हटाने की मांग की, लेकिन कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई, जिसके बाद कोर्ट का सहारा लेना पड़ा।
कोर्ट से मिली यह कानूनी जीत एक मजबूत संदेश देती है कि किसी भी सेलिब्रिटी या व्यक्ति का व्यक्तित्व सार्वजनिक संपत्ति नहीं है। क्लिकबेट, फर्जी प्रचार या मुनाफे के लिए किसी के नाम और चेहरे का दुरुपयोग अब बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। विवेक ओबेरॉय का यह मामला आने वाले समय में अन्य कलाकारों और आम लोगों के लिए भी एक अहम कानूनी मिसाल साबित हो सकता है।






