नोएडा सेक्टर 144 में बड़ा हादसा, निर्माणाधीन बिल्डिंग की शटरिंग गिरी, 2 लोगों की मौत

Noida News : नोएडा के सेक्टर 144 में आज एक निर्माणाधीन बिल्डिंग की शटरिंग गिर गई। मलबे में दबने से दो मजदूरों की मौत हो गई। पुलिस ने ठेकेदार को हिरासत में ले लिया है। पुलिस उससे सघन पूछताछ कर रही है।
Major accident in Noida Sector 144, Shuttering of under construction building collapses, 2 workers killed
निर्माणाधीन बिल्डिंग, जहां हादसा हुआ।
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Noida Crime News : नोएडा के सेक्टर-144 में आज सुबह एक दर्दनाक हादसे ने निर्माण कार्यों में सुरक्षा इंतजामों की पोल खोलकर रख दी। यहां एक निर्माणाधीन ऊंची इमारत की शटरिंग अचानक ताश के पत्तों की तरह भरभराकर गिर गई। इस हादसे की चपेट में आकर काम कर रहे तीन मजदूर मलबे के नीचे दब गए। घटनास्थल पर मची चीख-पुकार सुनकर आसपास के लोग और अन्य श्रमिक मदद के लिए दौड़े। सूचना मिलते ही पुलिस टीम ने मौके पर पहुंचकर राहत और बचाव कार्य शुरू किया।

मलबे से निकाले गए तीनों मजदूरों को आनन-फानन में नजदीकी अस्पताल ले जाया गया। दुर्भाग्यवश, इलाज के दौरान दो मजदूरों ने दम तोड़ दिया। तीसरे मजदूर की हालत अब भी नाजुक बनी हुई है। मृतकों की पहचान 45 वर्षीय मंटू सिंह (बांका, बिहार) और 24 वर्षीय शीबू (दुमका, झारखंड) के रूप में हुई है। वहीं, गंभीर रूप से घायल मिथुन (बांका, बिहार) का अस्पताल में उपचार जारी है।

लापरवाही पर पुलिस की कार्रवाई

हादसे के बाद इलाके में तनाव फैल गया और साथी मजदूरों ने सुरक्षा मानकों को लेकर हंगामा शुरू कर दिया। मौके पर पहुंचे पुलिस अधिकारियों ने स्थिति को संभाला और मजदूरों को समझा-बुझाकर शांत कराया। सेंट्रल जोन के डीसीपी शक्ति मोहन अवस्थी ने बताया कि शुरुआती जांच में निर्माण स्थल पर सुरक्षा मानकों की घोर अनदेखी और लापरवाही के साक्ष्य मिले हैं।

हिरासत में ठेकेदार और सुपरवाइजर

नोएडा पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए तत्काल कार्रवाई की और साइट के ठेकेदार और सुपरवाइजर को हिरासत में ले लिया। पूछताछ के बाद दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया है और उनके खिलाफ संबंधित कानूनी धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है। वर्तमान में प्रशासन ने बिल्डिंग का निर्माण कार्य रुकवा दिया है।

सुरक्षा पर उठते सवाल

यह हादसा एक बार फिर नोएडा में तेजी से हो रहे निर्माण कार्यों में श्रमिकों की जान के साथ होने वाले खिलवाड़ को उजागर करता है। अक्सर ऊंची इमारतों के निर्माण में लागत कम करने के चक्कर में घटिया शटरिंग और सुरक्षा उपकरणों की कमी देखी जाती है। स्थानीय निवासियों का कहना है कि प्रशासन समय-समय पर इन साइट्स की जांच करे तो शायद ऐसे निर्दोष मजदूरों की जान न जाए। फिलहाल पुलिस पूरे मामले की विस्तृत रिपोर्ट तैयार कर रही है, ताकि निर्माण कंपनी की जवाबदेही तय की जा सके। मंटू और शीबू के परिवारों में इस खबर के बाद से कोहराम मचा हुआ है।

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