- Hindi News »
- Bihar »
- Bihar Assembly Elctions Why Pawan Singh Choose Bjp For Ara Seat
पवन सिंह के लिए आरा कितना सेफ, इस सीट के लिए RJD की जगह बीजेपी को क्यों चुना? जानिए पूरा समीकरण
Bihar Assemble Eletion 2025: पवन सिंह के आरा सीट से चुनाव लड़ने की चर्चा है। हालांकि, अभी तक अधिकारिक रूप से ऐलान नहीं हुआ है। इस सीट पर राजपूत, यादव और कोइरी मतदाताओं की संख्या ज्यादा है।
- Written By: मनोज आर्या

पवन सिंह और अमित शाह, (फाइल फोटो)
Pawan Singh Contested Election From Ara Seat: भोजपुरी फिल्म स्टार पवन सिंह की करीब 16 महीने बाद बीजेपी में वापसी हो चुकी है।अभी कुछ महीने पहले ही उन्होंने बिहार विधानसभा में विपक्ष के नेता तेजस्वी यादव की जमकर तारीफ की थी, यहां तक की उन्हें बड़ा भी बताया था। इस के बाद पवन सिंह के राष्ट्रीय जनता दल (RJD) के संपर्क में होने की चर्चा तेज हो गई थी। इससे पहले ऐसा भी कहा जा रहा था कि वह प्रशांत किशोर की पार्टी से चुनावी मैदान में उतर सकते हैं।
हालांकि, दो महीने पहले आरा के पूर्व सांसद आरके सिंह से मुलाकात से शुरू हुआ गिले-शिकवे दूर करने का सिलसिला अब अमित शाह, जेपी नड्डा और उपेंद्र कुशवाहा से मुलाकात के बाद पूरा हो चुका है। इन मुलाकातों की तस्वीरें अपने सोशल मीडिया अकाउंट से पोस्ट करते हुए पवन सिंह ने लिखा था कि इन्हें देखकर जातिवादियों के सीने पर सांप लोट रहा होगा।
पवन सिंह को क्यों पड़ी बीजेपी की जरूरत?
चुनावी समय में बदली परिस्थितियों और पवन सिंह के तल्ख सुर के बीच ये सवाल भी उठ रहे हैं कि वह आरजेडी के दरवाजे पर भी गए थे, ऐसी चर्चा रही। लेकिन जब चुनाव करीब आए, तो उन्होंने बीजेपी को चुना। आरा विधानसभा सीट से चुनाव लड़ने के लिए पवन को बीजेपी की जरूरत क्यों पड़ी? इसके पीछे का मुख्य वजह ये है कि पवन सिंह ने लोकसभा का चुनाव निर्दलीय लड़ उपेंद्र कुशवाहा जैसे कद्दावर नेता को तीसरे स्थान पर धकेल दिया था।
सम्बंधित ख़बरें
बंगाल फतह के बाद BJP का नया दांव, कोलकाता की सड़कों पर ‘मछली उत्सव’, दिलीप घोष बोले- ‘अब दीदी का खेल खत्म’
यूपी में कैबिनेट विस्तार का साइड इफेक्ट! पहले बृजभूषण सिंह और अब इस महिला विधायक ने खोला मोर्चा
बेंगलुरु में गरजे पीएम मोदी, बंगाल की जीत जनता को किया समर्पित, बताया क्यों बदल रही है देश की राजनीति
देश का सब कुछ बेच रही है भाजपा… डिंपल यादव का मोदी सरकार के निजीकरण और महिला सुरक्षा पर जोरदार हमला
लोकसभा चुनाव में बतौर निर्दलीय उम्मीदवार अपनी ताकत दिखा चुके पवन सिंह फिल्मी स्टार भी हैं। किसी भी राजनीतिक दल से उनकी बात बन सकती थी या अपने गृह इलाके की किसी भी सीट से चुनाव लड़ने की स्थिति में वह मुकाबले में होते। फिर उनको आरा से चुनाव लड़ने के लिए बीजेपी की जरूरत क्यों पड़ी? इसके पीछे जातीय समीकरणों के साथ ही संगठन की शक्ति भी एक वजह बताई जा रही है।
आरा विधानसभा सीट का जातीय समीकरण
ऐसी चर्चा है कि पवन सिंह के आरा विधानसभा सीट से चुनाव लड़ सकते हैं। हालांकि, बीजेपी की ओर से अभी तक अधिकारिक रूप से ऐलान नहीं किया गया है। आरा विधानसभा सीट पर राजपूत, यादव और कोइरी मतदाताओं की संख्या ज्यादा है। अनुमानों के मुताबिक, यहां राजपूत मतदाता की संख्या करीब 35 हजार, यादव मतदाता की संख्या करीब 28 हजार हैं। इस विधानसभा क्षेत्र में ब्राह्मण और दलित मतदाता भी अच्छी संख्या में हैं। ब्राह्मण बीजेपी का कोर वोट बैंक माना जाता है और चिराग पासवान, जीतनराम मांझी की पार्टियों के भी गठबंधन में होने से दलित-महादलित के बीच भी एनडीए की दावेदारी मजबूत मानी जा रही है।
आरा विधानसभा सीट पर बीजेपी का दबदबा
आरा विधानसभा सीट के चुनावी अतीत की बात करें तो इस सीट पर साल 2000 से ही बीजेपी का दबदबा रहा है। आरा सीट से अमरेंद्र प्रताप सिंह पांच बार के विधायक हैं। साल 2015 के चुनाव में अमरेंद्र प्रताप सिंह को आरजेडी के मोहम्मद नवाज आलम ने हरा दिया था। तब आरजेडी और जेडीयू गठबंधन कर चुनाव मैदान में उतरे थे। बीजेपी के इस सीट पर दबदबे को देखते हुए भी पवन सिंह ने यहां से लड़ने का सोचा होगा।
ये भी पढ़ें: ‘मोदी-नीतीश चुप क्यों हैं?’ दीपांकर ने जेडीयू-बीजेपी को किया टारगेट, बिहार में बढ़ी सियासी हलचल!
आरा के लिए बीजेपी को मजबूत चेहरे को जरूरत
पवन सिंह को आरा की राजनीति में अवसर दिख रहा है, तो उसके पीछे वाजिब वजहें भी हैं। आरा से पांच बार के विधायक अमरेंद्र प्रताप सिंह पांच बार के विधायक हैं और उनकी उम्र 78 साल हो चुकी है। बीजेपी में 75 साल की उम्र के बाद टिकट ना देने की अघोषित नीति रही है। ऐसे में बीजेपी को भी अमरेंद्र के बाद मजबूत चेहरे की जरूरत आरा में है।
Bihar assembly elctions why pawan singh choose bjp for ara seat
Get Latest Hindi News , Maharashtra News , Entertainment News , Election News , Business News , Tech , Auto , Career and Religion News only on Navbharatlive.com
लेटेस्ट न्यूज़
Birthday Horoscope: 11 मई 2026 को जन्मे बच्चों का भविष्य, नेतृत्व क्षमता-शिक्षा के क्षेत्र में लहराएंगे परचम
May 11, 2026 | 05:05 AMAaj Ka Rashifal 11 May: वृश्चिक को व्यापार में लाभ और धनु को मिलेगी राजनैतिक सफलता, जानें अपनी राशि का हाल
May 11, 2026 | 05:05 AMMaharashtra Weather: 11 मई को बेमौसम बारिश की चेतावनी, जाने कहां हागी उमस, कहां गर्मी और कहां बरसेंगे बादल
May 11, 2026 | 05:00 AMRCB के काम आई क्रुणाल पांड्या का संघर्षपूर्ण पारी, रोमांचक मुकाबले में मुंबई इंडियंस को 2 विकेट से हराया
May 10, 2026 | 11:45 PMCM बनते ही विजय का मास्टरस्ट्रोक! 200 यूनिट फ्री बिजली और महिलाओं के लिए स्पेशल फोर्स का ऐलान
May 10, 2026 | 11:11 PMबंगाल फतह के बाद BJP का नया दांव, कोलकाता की सड़कों पर ‘मछली उत्सव’, दिलीप घोष बोले- ‘अब दीदी का खेल खत्म’
May 10, 2026 | 11:07 PMविजय के CM बनते ही तमिलनाडु में छिड़ा विवाद! वंदे मातरम पर CPI ने जताई आपत्ति, TVK ने दिया जवाब
May 10, 2026 | 11:00 PMवीडियो गैलरी

पीठ पर छूरा घोंपना कांग्रेस का काम…बंगाल की जीत से गदगद हुए PM मोदी, बेंगलुरु में गिनाई भाजपा की उपलब्धियां
May 10, 2026 | 02:15 PM
तमिलनाडु के 9वें मुख्यमंत्री बनें विजय थलापति, शपथ ग्रहण में राहुल गांधी समेत तमाम सुपरस्टार्स हुए शामिल-VIDEO
May 10, 2026 | 01:39 PM
सुवेंदु अधिकारी के CM बनने पर मौलाना रजवी ने बांग्लादेश को दिखाया आईना, कहा- जम्हूरियत हमारा निजी मामला
May 10, 2026 | 12:22 PM
देश का सब कुछ बेच रही है भाजपा… डिंपल यादव का मोदी सरकार के निजीकरण और महिला सुरक्षा पर जोरदार हमला
May 10, 2026 | 11:56 AM
ट्रंप को कोर्ट से तगड़ा झटका! 10% नए टैरिफ को बताया गैरकानूनी, क्या भारत के लिए अब खुलेगा फायदे का रास्ता?
May 09, 2026 | 08:22 PM
समंदर के बीच नागपट्टिनम-कंकसंथुराई फेरी का इंजन फेल, 144 यात्रियों की अटकी सांसे; मछुआरों ने ऐसे किया रेस्क्यू
May 09, 2026 | 07:56 PM












