इंकलाब मंच के आगे झुके मुहम्मद यूनुस? उस्मान हादी के भाई को दी ब्रिटेन में कमान, जानें क्या है मामला

Osman Hadi News: बांग्लादेश की अंतरिम सरकार ने दिवंगत उस्मान हादी के भाई ओमर बिन हादी को बर्मिंघम में 'सेकंड सेक्रेटरी' नियुक्त किया है। इसे इंकलाब मंच के दबाव में लिया गया फैसला माना जा रहा है।
Did Muhammad Yunus bow down to the Inqilab platform? Usman Hadi's brother given command in Britain; find out what the matter is.
उस्मान हादी और मुहम्मद यूनुस, फोटो (सो. सोशल मीडिया)
Published on
Updated on

Omar Bin Hadi Bangladesh News In Hindi: बांग्लादेश में जारी राजनीतिक अस्थिरता के बीच मुख्य सलाहकार मुहम्मद यूनुस ने एक अहम निर्णय लिया है। इंकलाब मंच के दिवंगत प्रवक्ता उस्मान बिन हादी के बड़े भाई ओमर बिन हादी को यूनाइटेड किंगडम के बर्मिंघम स्थित बांग्लादेश सहायक उच्चायोग में 'सेकंड सेक्रेटरी' के पद पर नियुक्त किया गया है।

इस नियुक्ति से संबंधित आधिकारिक अधिसूचना 15 जनवरी 2026 को जारी की गई। ओमर बिन हादी को यह पद तीन साल के अनुबंध पर दिया गया है जिसके तहत पदभार संभालने से पहले उन्हें अपनी सभी मौजूदा नौकरियों और किसी भी तरह के व्यावसायिक संबंधों को पूरी तरह समाप्त करना होगा।

कौन थे उस्मान हादी?

उस्मान हादी जुलाई 2024 में हुए छात्र आंदोलन का एक प्रमुख चेहरा थे उनकी 18 दिसंबर 2025 को सिंगापुर में मृत्यु हो गई थी। उन्हें 12 दिसंबर को ढाका के पलटन इलाके में अज्ञात हमलावरों ने सिर में गोली मार दी थी। उनकी मृत्यु के बाद मुहम्मद यूनुस ने उन्हें 'फासीवाद के खिलाफ लड़ने वाला अमर सैनिक' बताते हुए शहीद घोषित किया था और देश में राजकीय शोक रखा गया था। हालांकि, इंकलाब मंच ने यूनुस सरकार को अल्टीमेटम दिया था कि यदि हत्यारों को नहीं पकड़ा गया तो यूनुस को पद छोड़ना होगा। जानकारों का मानना है कि इसी दबाव के चलते यूनुस सरकार अब हादी परिवार को खुश करने में जुटी है।

हिंदुओं की अनदेखी और 'गांधारी' की भूमिका

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, जहां एक ओर यूनुस सरकार हादी परिवार की सेवा में तत्पर दिख रही है वहीं दूसरी ओर बांग्लादेश में हिंदुओं पर हो रहे अत्याचारों को लेकर वह 'गांधारी' की तरह मौन है। देश में हिंदू समुदाय के लोग लगातार हिंसा और लिंचिंग का शिकार हो रहे हैं लेकिन सरकार की प्राथमिकताएं इंकलाब मंच को संतुष्ट करने तक सीमित नजर आ रही हैं।

भारत पर लगाया इल्जाम

रिपोर्ट के अनुसार, जब यूनुस सरकार उस्मान हादी के असली हत्यारों को पकड़ने में नाकाम रही तो उन्होंने अपनी कमजोरी छिपाने के लिए इसका दोष भारत पर मढ़ने की कोशिश की। जब वह दांव उल्टा पड़ गया तो अब कूटनीतिक पदों पर नियुक्तियां बांटकर राजनीतिक संतुलन बनाने का प्रयास किया जा रहा है।

यह घटनाक्रम ऐसे समय में हो रहा है जब बांग्लादेश में फरवरी 2026 में आम चुनाव होने वाले हैं। ऐसे में कट्टरपंथी समूहों का समर्थन हासिल करना यूनुस के लिए एक बड़ी चुनौती और मजबूरी दोनों बनता जा रहा है।

Navbharat Live: Hindi News
navbharatlive.com