
वाशिंगटन पोस्ट के सीईओ विल लुईस (सोर्स- सोशल मीडिया)
Washington Post CEO Will Lewis Resigns: वाशिंगटन पोस्ट के सीईओ और पब्लिशर, विल लुईस, ने अचानक इस्तीफा दे दिया है। यह कदम तब उठाया गया जब अखबार ने महज तीन दिन पहले अपने एक-तिहाई कर्मचारियों की छंटनी की घोषणा की थी। इस निर्णय से न्यूजरूम में गहरा असंतोष फैल गया था। लुईस ने शनिवार को अपने स्टाफ को भेजे गए एक संक्षिप्त ईमेल में अपने इस्तीफे की जानकारी दी और अपने निर्णय को ‘सही समय पर’ लिया बताया।
जानकारी के मुताबिक, ईमेल में लुईस ने लिखा, “वाशिंगटन पोस्ट में 2 वर्षों के परिवर्तन के बाद, अब मेरे लिए अलग होने का सही समय है। मैं जेफ बेजोस का आभार व्यक्त करना चाहता हूं, जिन्होंने मेरे पूरे कार्यकाल में मेरा समर्थन किया।” लुईस ने इस दौरान संस्थान के भविष्य को सुनिश्चित करने के लिए कठिन निर्णय लेने की बात की, ताकि वाशिंगटन पोस्ट आने वाले वर्षों तक उच्च-गुणवत्ता वाली, गैर-पक्षपाती खबरें प्रदान करता रहे।
लुईस का इस्तीफा और ईमेल स्टाफ और पत्रकारों के प्रति उनके संवेदनहीन रवैये के लिए आलोचना का कारण बने। कई सोशल मीडिया यूजर्स ने इस पर तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की। एक यूजर ने टिप्पणी की, “मालिक की तारीफ की, लेकिन स्टाफ के लिए एक शब्द भी नहीं।” वहीं, दूसरों ने “पाठक” शब्द के बजाय “ग्राहक” शब्द का उपयोग करने पर भी सवाल उठाए, जिससे अखबार की व्यावसायिक सोच झलकती है।
लुईस के कार्यकाल में वाशिंगटन पोस्ट लगातार वित्तीय नुकसान झेल रहा था। हाल ही में हुई छंटनी में लगभग 300 पत्रकारों को निकाला गया, जिनमें लोकल, इंटरनेशनल, स्पोर्ट्स और फोटोग्राफी विभाग शामिल थे। कांग्रेस नेता शशि थरूर के बेटे ईशान थरूर को भी नौकरी से निकाल दिया गया था। जिसे लेकर भारत में काफी चर्चा हुई थी। कर्मचारियों को निकालने के अलावा अकबार ने स्पोर्ट्स सेक्शन को भी बंद कर दिया गया था। इन फैसलों के दौरान, लुईस और बेजोस स्टाफ मीटिंग में मौजूद नहीं थे, जिससे उनकी आलोचना और बढ़ी।
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लुईस के इस्तीफे के बाद वाशिंगटन पोस्ट के चीफ फाइनेंशियल ऑफिसर, जेफ डी’ओनोफ्रियो, को अंतरिम पब्लिशर और सीईओ नियुक्त किया गया है। वहीं, अखबार के अंदरूनी विवाद और छंटनी के मुद्दे पर अब भी आलोचनाएं जारी हैं। प्रमुख नेताओं, जैसे कि सीनेटर बर्नी सैंडर्स और एलिजाबेथ वॉरेन ने भी इन कदमों की निंदा की है।






